लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
तेहिं मध्य कोसलराज सुंदर स्याम तन सोभा लही।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउनके बीचमें कोसलराजका सुन्दर श्याम शरीर ऐसी शोभा पा रहा है, मानो ऊँचे तमाल वृक्षके लिये अनेक इन्द्रधनुषोंकी श्रेष्ठ बाड़ (घेरा) बनायी गयी हो। प्रभुको देखकर देवता हर्ष और विषादयुक्त हृदयसे 'जय, जय, जय ऐसा बोलने लगे। तब श्रीरघुवीरने क्रोध करके एक ही बाणसे निमेषमात्रमें रावणकी सारी माया हर ली॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 877 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तेहिं मध्य कोसलराज सुंदर स्याम तन सोभा लही।
जनु इंद्रधनुष अनेक की बर बारि तुंग तमालही।।
प्रभु देखि हरष बिषाद उर सुर बदत जय जय जय करी।
रघुबीर एकहि तीर कोपि निमेष महुँ माया हरी।।1।।
स्रोत अभिलेख 6.101 · पुस्तक पृ. 876, 878
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1तेहिं मध्य कोसलराज सुंदर स्याम तन सोभा लही।
English explanation
Amid them, the beautiful dark body of Rama, king of Kosala, shone splendidly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उनके | their |
| मध्य | बीच | midst |
| कोसलराज | कोसल के राजा राम | Rama, king of Kosala |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| स्याम | श्याम, साँवला | dark-hued |
| तन | शरीर | body |
| सोभा | सुंदरता, शोभा | splendor |
| लही | पाई | attained |
2 जनु इंद्रधनुष अनेक की बर बारि तुंग तमालही।।
English explanation
It was as though a fine enclosure of many rainbows had been made around a tall tamala tree.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनु | मानो | as though |
| इंद्रधनुष | इंद्रधनुषों | rainbows |
| अनेक | अनेक | many |
| की | बनाकर | having made |
| बर | सुंदर, उत्तम | fine, beautiful |
| बारि | बाड़, घेरा | fence, enclosure |
| तुंग | ऊँचे | tall |
| तमालही | तमाल वृक्ष के चारों ओर | around a tamala tree |
3 प्रभु देखि हरष बिषाद उर सुर बदत जय जय जय करी।
English explanation
Seeing the Lord, the gods felt both joy and sorrow in their hearts and cried, ‘Victory! Victory! Victory!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम को | Lord Rama |
| देखि | देखकर | seeing |
| हरष | आनंद | joy |
| बिषाद | दुःख, चिंता | sorrow, concern |
| उर | हृदय में | in their hearts |
| सुर | देवता | gods |
| बदत | कहते हैं | say |
| जय | जय हो! | victory! |
| जय | जय हो! | victory! |
| जय | जय हो! | victory! |
| करी | जयघोष करके | raising the acclamation |
4 रघुबीर एकहि तीर कोपि निमेष महुँ माया हरी।।1।।
English explanation
In anger, Rama, hero of Raghu’s line, dispelled the illusion with a single arrow in the blink of an eye.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुबीर | रघुकुल के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s line |
| एकहि | एक ही | just one |
| तीर | बाण से | with an arrow |
| कोपि | क्रोध करके | in anger |
| निमेष | पलक झपकने के समय | a blink of an eye |
| महुँ | में | within |
| माया | मायावी भ्रम | magical illusion |
| हरी | दूर कर दी | dispelled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.101
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 877
- सहायक विषय
- राम-रावण-युद्ध, रावण-वध, सर्वत्र जयध्वनि
- मुद्रित पृष्ठ
- 876, 878
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।