लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
तन काम अनेक अनूप छबी। गुन गावत सिद्ध मुनींद्र कबी।।
मूल पाठ
तन काम अनेक अनूप छबी। गुन गावत सिद्ध मुनींद्र कबी।।
जसु पावन रावन नाग महा। खगनाथ जथा करि कोप गहा।।
स्रोत अभिलेख 6.111 · पुस्तक पृ. 889, 891
भावार्थ
मूल पाठ के बादआपके शरीरकी अनेकों कामदेवोंके समान, परन्तु अनुपम छवि है। सिद्ध, मुनीश्वर और कवि आपके गुण गाते रहते हैं। आपका यश पवित्र है। आपने रावणरूपी महासर्पको गरुड़की तरह क्रोध करके पकड़ लिया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 889 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तन काम अनेक अनूप छबी। गुन गावत सिद्ध मुनींद्र कबी।।
English explanation
Your body’s matchless beauty surpasses that of many gods of love. Accomplished sages, foremost ascetics, and poets sing your virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तन | शरीर की | of the body |
| काम | कामदेव | the god of love |
| अनेक | अनेक | many |
| अनूप | अनुपम | incomparable |
| छबी | शोभा | beauty |
| गुन | गुण | virtues |
| गावत | गाते हैं | sing |
| सिद्ध | सिद्ध साधक | spiritually accomplished sages |
| मुनींद्र | श्रेष्ठ मुनि | foremost sages |
| कबी | कवि | poets |
2 जसु पावन रावन नाग महा। खगनाथ जथा करि कोप गहा।।
English explanation
Your glory is purifying. You seized Ravana, likened to a great serpent, as Garuda, king of birds, angrily seizes a serpent.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जसु | यश | glory |
| पावन | पवित्र करने वाला | purifying |
| रावन | रावण को | Ravana, the demon king |
| नाग | सर्प के समान | likened to a serpent |
| महा | विशाल | great |
| खगनाथ | पक्षीराज गरुड़ | Garuda, king of birds |
| जथा | जैसे | as |
| करि | करके | having done |
| कोप | क्रोध | anger |
| गहा | पकड़ लिया | seized |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.111
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 889
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 889, 891
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।