लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
जोगिनि गहें करबाल। एक हाथ मनुज कपाल।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दयोगिनियाँ एक हाथमें तलवार और दूसरे हाथमें मनुष्यकी खोपड़ी लिये ताजा खून पीकर नाचने और बहुत तरहके गीत गाने लगीं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 876 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जोगिनि गहें करबाल। एक हाथ मनुज कपाल।।
करि सद्य सोनित पान। नाचहिं करहिं बहु गान।।2।।
स्रोत अभिलेख 6.101 · पुस्तक पृ. 876, 878
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जोगिनि गहें करबाल। एक हाथ मनुज कपाल।।
English explanation
The yoginis held swords, with a human skull in one hand.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जोगिनि | योगिनियाँ, उग्र स्त्री-शक्तियाँ | yoginis, fierce female spirits |
| गहें | पकड़े हुए | grasping |
| करबाल | तलवारें | swords |
| एक | एक | one |
| हाथ | हाथ में | in a hand |
| मनुज | मनुष्य की | human |
| कपाल | खोपड़ी | skull |
2 करि सद्य सोनित पान। नाचहिं करहिं बहु गान।।2।।
English explanation
After drinking fresh blood, they danced and sang profusely.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| सद्य | ताजा | fresh |
| सोनित | रक्त | blood |
| पान | पीना | drinking |
| नाचहिं | नाचती हैं | they dance |
| करहिं | करती हैं | they perform |
| बहु | बहुत | much |
| गान | गायन | singing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.101
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 876
- सहायक विषय
- राम-रावण-युद्ध, रावण-वध, सर्वत्र जयध्वनि
- मुद्रित पृष्ठ
- 876, 878
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