लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
जय हरन धरनी भार। महिमा उदार अपार।।
मूल पाठ
जय हरन धरनी भार। महिमा उदार अपार।।
जय रावनारि कृपाल। किए जातुधान बिहाल।।3।।
स्रोत अभिलेख 6.113 · पुस्तक पृ. 892, 893
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे भूमिका भार हरनेवाले! हे अपार श्रेष्ठ महिमावाले! आपकी जय हो। हे रावणके शत्रु! हे कृपालु! आपकी जय हो। आपने राक्षसोंको बेहाल (तहस-नहस) कर दिया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 892 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जय हरन धरनी भार। महिमा उदार अपार।।
English explanation
Victory to you who remove the earth’s burden! Your glory is exalted and boundless.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | victory to you |
| हरन | हरने वाले | remover of |
| धरनी | पृथ्वी का | of the earth |
| भार | बोझ | burden |
| महिमा | महिमा; गौरव | glory; greatness |
| उदार | महान; उदात्त | exalted; noble |
| अपार | असीम | boundless |
2 जय रावनारि कृपाल। किए जातुधान बिहाल।।3।।
English explanation
Victory to you, compassionate foe of Ravana! You have brought the demons to distress.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | victory to you |
| रावनारि | रावण के शत्रु | foe of Ravana |
| कृपाल | हे कृपालु | O compassionate one |
| किए | कर दिया | have made |
| जातुधान | राक्षसों को | the demons |
| बिहाल | व्याकुल; दुर्दशाग्रस्त | distressed; overwhelmed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.113
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 892
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 892, 893
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