लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
जय दूषनारि खरारि। मर्दन निसाचर धारि।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे खर और दूषणके शत्रु और राक्षसोंकी सेनाके मर्दन करनेवाले! आपकी जय हो! हे नाथ! आपने इस दुष्टको मारा, जिससे सब देवता सनाथ (सुरक्षित) हो गये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 892 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जय दूषनारि खरारि। मर्दन निसाचर धारि।।
यह दुष्ट मारेउ नाथ। भए देव सकल सनाथ।।2।।
स्रोत अभिलेख 6.113 · पुस्तक पृ. 892, 893
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जय दूषनारि खरारि। मर्दन निसाचर धारि।।
English explanation
Victory to you, foe of Dushana and Khara, crusher of the hosts of demons!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | victory to you |
| दूषनारि | दूषण राक्षस के शत्रु | foe of the demon Dushana |
| खरारि | खर राक्षस के शत्रु | foe of the demon Khara |
| मर्दन | कुचलने; संहार करने वाले | crusher; destroyer |
| निसाचर | राक्षसों का | of demons |
| धारि | समूह; सेना | host; multitude |
2 यह दुष्ट मारेउ नाथ। भए देव सकल सनाथ।।2।।
English explanation
O Lord, you have slain this wicked one; all the gods now have a protector.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | इस | this |
| दुष्ट | दुष्ट रावण को | wicked Ravana |
| मारेउ | मार दिया | slew; have slain |
| नाथ | हे स्वामी | O Lord |
| भए | हो गए | have become |
| देव | देवता | gods |
| सकल | सभी | all |
| सनाथ | रक्षक से युक्त; संरक्षित | having a protector; protected |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.113
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 892
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 892, 893
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