लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
जय राम सोभा धाम। दायक प्रनत बिश्राम।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दशोभाके धाम, शरणागतको विश्राम देनेवाले, श्रेष्ठ तरकस, धनुष और बाण धारण किये हुए, प्रबल प्रतापी भुजदण्डोंवाले श्रीरामचन्द्रजीकी जय हो!॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 892 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जय राम सोभा धाम। दायक प्रनत बिश्राम।।
धृत त्रोन बर सर चाप। भुजदंड प्रबल प्रताप।।1।।
स्रोत अभिलेख 6.113 · पुस्तक पृ. 892, 893
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1जय राम सोभा धाम। दायक प्रनत बिश्राम।।
English explanation
Victory to Rama, the abode of beauty, who grants repose to those who bow before him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | victory to you |
| राम | हे राम | O Rama |
| सोभा | शोभा; सुंदरता | beauty; splendor |
| धाम | आश्रय; भंडार | abode; repository |
| दायक | देने वाले | giver of |
| प्रनत | नमन करने वाले शरणागतों को | to those who bow in refuge |
| बिश्राम | विश्राम; शांति | repose; peace |
2 धृत त्रोन बर सर चाप। भुजदंड प्रबल प्रताप।।1।।
English explanation
You bear a quiver, excellent arrows, and a bow; mighty is the prowess of your staff-like arms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धृत | धारण किए हुए | bearing; holding |
| त्रोन | तरकस | quiver |
| बर | श्रेष्ठ; उत्तम | excellent; fine |
| सर | बाण | arrows |
| चाप | धनुष | bow |
| भुजदंड | दंड-समान सुदृढ़ भुजाएँ | strong, staff-like arms |
| प्रबल | प्रचंड; शक्तिशाली | mighty; powerful |
| प्रताप | पराक्रम; तेज | prowess; majesty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.113
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 892
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 892, 893
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।