लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
गुन ग्यान निधान अमान अजं। नित राम नमामि बिभुं बिरजं।।
मूल पाठ
गुन ग्यान निधान अमान अजं। नित राम नमामि बिभुं बिरजं।।
भुजदंड प्रचंड प्रताप बलं। खल बृंद निकंद महा कुसलं।।
स्रोत अभिलेख 6.111 · पुस्तक पृ. 889, 891
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे गुण और ज्ञानके भण्डार! हे मानरहित! हे अजन्मा, व्यापक और मायिक विकारोंसे रहित श्रीराम! मैं आपको नित्य नमस्कार करता हूँ। आपके भुजदण्डोंका प्रताप और बल प्रचण्ड है। दुष्टसमूहके नाश करनेमें आप परम निपुण हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 890 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 गुन ग्यान निधान अमान अजं। नित राम नमामि बिभुं बिरजं।।
English explanation
I daily bow to Rama, treasury of virtue and knowledge, free from pride, unborn, all-pervading, and stainless.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुन | गुणों के | of virtues |
| ग्यान | ज्ञान के | of knowledge |
| निधान | भंडार | treasury |
| अमान | अभिमानरहित | without pride |
| अजं | अजन्मा | unborn |
| नित | नित्य | daily, always |
| राम | राम को | to Rama |
| नमामि | मैं प्रणाम करता हूँ | I bow |
| बिभुं | सर्वव्यापक | all-pervading |
| बिरजं | निर्मल, दोषरहित | stainless, undefiled |
2 भुजदंड प्रचंड प्रताप बलं। खल बृंद निकंद महा कुसलं।।
English explanation
The might and power of your staff-like arms are formidable. You uproot hosts of the wicked and are supremely skillful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भुजदंड | दंड-समान भुजाएँ | staff-like arms |
| प्रचंड | प्रबल, भीषण | formidable |
| प्रताप | प्रताप | might and majesty |
| बलं | बल | strength |
| खल | दुष्टों के | of the wicked |
| बृंद | समूह | hosts |
| निकंद | जड़ से नष्ट करने वाले | uprooting |
| महा | अत्यंत | supremely |
| कुसलं | कुशल | skillful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.111
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 890
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 889, 891
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।