लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
अज ब्यापकमेकमनादि सदा। करुनाकर राम नमामि मुदा।।
मूल पाठ
अज ब्यापकमेकमनादि सदा। करुनाकर राम नमामि मुदा।।
रघुबंस बिभूषन दूषन हा। कृत भूप बिभीषन दीन रहा।।
स्रोत अभिलेख 6.111 · पुस्तक पृ. 889, 891
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[किन्तु अवतार लेनेपर भी] आप नित्य, अजन्मा, व्यापक, एक (अद्वितीय) और अनादि हैं। हे करुणाकी खान श्रीरामजी! मैं आपको बड़े ही हर्षके साथ नमस्कार करता हूँ। हे रघुकुलके आभूषण! हे दूषण राक्षसको मारनेवाले तथा समस्त दोषोंको हरनेवाले! विभीषण दीन था, उसे आपने [लंकाका] राजा बना दिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 890 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अज ब्यापकमेकमनादि सदा। करुनाकर राम नमामि मुदा।।
English explanation
I joyfully bow to Rama, unborn, all-pervading, one, eternally beginningless, and a treasury of compassion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अज | अजन्मा | unborn |
| ब्यापकमेकमनादि | सर्वव्यापक, एक और अनादि | all-pervading, one, and beginningless |
| सदा | सदा | eternally |
| करुनाकर | करुणा के भंडार | treasury of compassion |
| राम | राम को | to Rama |
| नमामि | मैं प्रणाम करता हूँ | I bow |
| मुदा | आनंदपूर्वक | joyfully |
2 रघुबंस बिभूषन दूषन हा। कृत भूप बिभीषन दीन रहा।।
English explanation
You are the ornament of Raghu’s lineage and the slayer of Dushana. You made the distressed Vibhishana king; the final word is textually unclear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुबंस | रघुवंश के | of Raghu’s lineage |
| बिभूषन | आभूषण | ornament |
| दूषन | दूषण राक्षस के | of the demon Dushana |
| हा | संहारक | slayer |
| कृत | बनाया | made |
| भूप | राजा | king |
| बिभीषन | विभीषण को, रावण के भाई को | Vibhishana, Ravana’s brother |
| दीन | दीन, असहाय | distressed and helpless |
| रहा | — | — |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.111
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 890
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 889, 891
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।