लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
उर लात घात प्रचंड लागत बिकल रथ ते महि परा।
मूल पाठ
उर लात घात प्रचंड लागत बिकल रथ ते महि परा।
गहि भालु बीसहुँ कर मनहुँ कमलन्हि बसे निसि मधुकरा॥
मुरुछित बिलोकि बहोरि पद हति भालुपति प्रभु पहिं गयो।
निसि जानि स्यंदन घालि तेहि तब सूत जतनु करत भयो॥
स्रोत अभिलेख 6.98 · पुस्तक पृ. 872, 873
भावार्थ
मूल पाठ के बादछातीमें लातका प्रचण्ड आघात लगते ही रावण व्याकुल होकर रथसे पृथ्वीपर गिर पड़ा। उसने बीसों हाथोंमें भालुओंको पकड़ रखा था। [ऐसा जान पड़ता था] मानो रात्रिके समय भौंरे कमलोंमें बसे हुए हों। उसे मूॢच्छत देखकर, फिर लात मारकर ऋक्षराज जाम्बवान् प्रभुके पास चले गये। रात्रि जानकर सारथि रावणको रथमें डालकर उसे होशमें लानेका उपाय करने लगा।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 873 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1उर लात घात प्रचंड लागत बिकल रथ ते महि परा।
English explanation
AI-generated draft meaning: Struck in the chest by a fierce kick, Ravana fell distressed from his chariot to the ground.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उर | छाती पर | in the chest |
| लात | लात का | of a kick |
| घात | प्रहार | blow |
| प्रचंड | अत्यंत तीव्र | fierce |
| लागत | लगते ही | upon striking |
| बिकल | व्याकुल होकर | distressed |
| रथ | रथ | the chariot |
| ते | से | from |
| महि | धरती पर | onto the ground |
| परा | गिर पड़ा | fell |
2गहि भालु बीसहुँ कर मनहुँ कमलन्हि बसे निसि मधुकरा॥
English explanation
The bears seized all twenty of Ravana’s arms, like bees nestled in lotuses at night.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गहि | पकड़ लिया | seized |
| भालु | भालुओं ने | the bears |
| बीसहुँ | सभी बीस | all twenty |
| कर | भुजाएँ | arms |
| मनहुँ | मानो | as though |
| कमलन्हि | कमलों में | in lotuses |
| बसे | बसे हों | were nestled |
| निसि | रात में | at night |
| मधुकरा | भौंरे | bees |
3मुरुछित बिलोकि बहोरि पद हति भालुपति प्रभु पहिं गयो।
English explanation
Seeing Ravana unconscious, Jambavan, lord of the bears, struck him once more with his foot and went to Lord Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुरुछित | मूर्छित | unconscious |
| बिलोकि | देखकर | seeing |
| बहोरि | फिर | again |
| पद | पैर से | with his foot |
| हति | प्रहार करके | having struck |
| भालुपति | भालुओं के स्वामी जाम्बवान | Jambavan, lord of the bears |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| पहिं | के पास | to |
| गयो | गए | went |
4निसि जानि स्यंदन घालि तेहि तब सूत जतनु करत भयो॥
English explanation
Recognizing that it was night, the charioteer placed Ravana in the chariot and began trying to revive him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निसि | रात | night |
| जानि | जानकर | recognizing |
| स्यंदन | रथ में | in the chariot |
| घालि | रखकर | having placed |
| तेहि | उसे, रावण को | him, Ravana |
| तब | तब | then |
| सूत | सारथी | the charioteer |
| जतनु | प्रयत्न | efforts |
| करत | करने | making |
| भयो | लगा | began |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.98
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 873
- सहायक विषय
- घोर युद्ध, रावणकी मूर्च्छा
- मुद्रित पृष्ठ
- 872, 873
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।