लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
आतुर बहोरि बिभंजि स्यंदन सूत हति ब्याकुल कियो।
मूल पाठ
आतुर बहोरि बिभंजि स्यंदन सूत हति ब्याकुल कियो।
गिर्यो धरनि दसकंधर बिकलतर बान सत बेध्यो हियो॥
सारथी दूसर घालि रथ तेहि तुरत लंका लै गयो।
रघुबीर बंधु प्रताप पुंज बहोरि प्रभु चरनन्हि नयो॥
स्रोत अभिलेख 6.84 · पुस्तक पृ. 855, 856
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर उन्होंने बड़ी ही शीघ्रतासे रावणके रथको चूर-चूरकर और सारथिको मारकर उसे (रावणको) व्याकुल कर दिया। सौ बाणोंसे उसका हृदय बेध दिया, जिससे रावण अत्यन्त व्याकुल होकर पृथ्वीपर गिर पड़ा। तब दूसरा सारथि उसे रथमें डालकर तुरंत ही लंकाको ले गया। प्रतापके समूह श्रीरघुवीरके भाई लक्ष्मणजीने फिर आकर प्रभुके चरणोंमें प्रणाम किया।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 856 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1आतुर बहोरि बिभंजि स्यंदन सूत हति ब्याकुल कियो।
English explanation
AI draft: Acting swiftly, he again broke the chariot, killed the charioteer, and left Ravana distraught.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आतुर | तत्पर होकर; शीघ्रता से | acting eagerly and swiftly |
| बहोरि | फिर | again |
| बिभंजि | तोड़कर | having shattered |
| स्यंदन | रथ | the chariot |
| सूत | सारथी | the charioteer |
| हति | मारकर | having killed |
| ब्याकुल | व्याकुल | distraught |
| कियो | कर दिया | made him |
2गिर्यो धरनि दसकंधर बिकलतर बान सत बेध्यो हियो॥
English explanation
Ravana fell to the ground in extreme distress; a hundred arrows pierced his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गिर्यो | गिर पड़ा | fell |
| धरनि | धरती पर | to the ground |
| दसकंधर | दस सिरों वाला रावण | Ravana, the ten-headed king |
| बिकलतर | और भी अधिक व्याकुल | still more distressed |
| बान | बाण | arrows |
| सत | सौ | a hundred |
| बेध्यो | बेध दिया | pierced |
| हियो | हृदय | the heart |
3सारथी दूसर घालि रथ तेहि तुरत लंका लै गयो।
English explanation
Another charioteer placed him in a chariot and immediately took him to Lanka.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सारथी | रथ चलाने वाला | charioteer |
| दूसर | दूसरा | another |
| घालि | डालकर; बिठाकर | having placed |
| रथ | रथ में | in a chariot |
| तेहि | उसे, रावण को | him, Ravana |
| तुरत | तुरंत | immediately |
| लंका | लंका नगरी | the city of Lanka |
| लै | लेकर | taking |
| गयो | गया | went |
4रघुबीर बंधु प्रताप पुंज बहोरि प्रभु चरनन्हि नयो॥
English explanation
Lakshmana, the brother of Rama and an embodiment of prowess, again bowed at the Lord’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुबीर | रघुकुल के वीर राम | Rama, the hero of Raghu’s lineage |
| बंधु | भाई लक्ष्मण | his brother Lakshmana |
| प्रताप | पराक्रम; तेज | prowess; splendor |
| पुंज | पुंज; मूर्त रूप | embodiment; concentration |
| बहोरि | फिर | again |
| प्रभु | स्वामी राम | the Lord, Rama |
| चरनन्हि | चरणों में | at his feet |
| नयो | झुके; प्रणाम किया | bowed in reverence |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.84
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 856
- सहायक विषय
- रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 855, 856
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।