लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हतौं न खेत खेलाइ खेलाई। तोहि अबहिं का करौं बड़ाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरणभूमिमें तुझे खेला-खेलाकर न मारूँ तबतक अभी [पहलेसे] क्या बड़ाई करूँ। अंगदने पहले ही (सभामें आनेसे पूर्व ही) उसके पुत्रको मार डाला था। वह संवाद सुनकर रावण दुखी हो गया॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 806 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
हतौं न खेत खेलाइ खेलाई। तोहि अबहिं का करौं बड़ाई।।
प्रथमहिं तासु तनय कपि मारा। सो सुनि रावन भयउ दुखारा।।
स्रोत अभिलेख 6.35 · पुस्तक पृ. 805, 807
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हतौं न खेत खेलाइ खेलाई। तोहि अबहिं का करौं बड़ाई।।
English explanation
‘I shall kill you on the battlefield after making you fight as though in repeated play; why praise you now?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हतौं | मैं मारूँगा | I shall kill |
| न | निश्चय ही | indeed |
| खेत | युद्धभूमि में | on the battlefield |
| खेलाइ | खेल की तरह लड़ाकर | making you fight as in play |
| खेलाई | बार-बार खेलाते हुए | making you play repeatedly |
| तोहि | तेरी | of you |
| अबहिं | अभी ही | right now |
| का | क्या | what; why |
| करौं | मैं करूँ | should I offer |
| बड़ाई | बड़ाई | praise |
2 प्रथमहिं तासु तनय कपि मारा। सो सुनि रावन भयउ दुखारा।।
English explanation
Angada had already killed Ravana’s son. Hearing this, Ravana became distressed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रथमहिं | पहले ही | already; earlier |
| तासु | उसके, रावण के | his, Ravana’s |
| तनय | पुत्र को | son |
| कपि | वानर अंगद ने | Angada, the monkey warrior |
| मारा | मार डाला था | had killed |
| सो | वह बात | that fact |
| सुनि | सुनकर | hearing |
| रावन | रावण | Ravana |
| भयउ | हो गया | became |
| दुखारा | दुखी | distressed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 806
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 805, 807
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।