लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जातुधान अंगद पन देखी। भय ब्याकुल सब भए बिसेषी।।
मूल पाठ
जातुधान अंगद पन देखी। भय ब्याकुल सब भए बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 6.35 · पुस्तक पृ. 805, 807
भावार्थ
मूल पाठ के बादअंगदका प्रण [सफल] देखकर सब राक्षस भयसे अत्यन्त ही व्याकुल हो गये॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 806 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जातुधान अंगद पन देखी। भय ब्याकुल सब भए बिसेषी।।
English explanation
Seeing Angada’s pledge, all the demons became intensely distraught with fear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जातुधान | राक्षस | demons |
| अंगद | अंगद की | Angada’s |
| पन | प्रतिज्ञा | pledge |
| देखी | देखकर | seeing |
| भय | भय से | with fear |
| ब्याकुल | व्याकुल | distraught |
| सब | सभी | all |
| भए | हो गए | became |
| बिसेषी | अत्यधिक | exceedingly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 806
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 805, 807
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