लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोउ मन समुझि त्रास नहिं मोरें। लिखा बिरंचि जरठ मति भोरें।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउस बातको समझकर (स्मरण करके) भी मेरे मनमें डर नहीं है। [क्योंकि मैं समझता हूँ कि] बूढ़े ब्रह्माने बुद्धिभ्रमसे ऐसा लिख दिया है। अरे मूर्ख! तू लज्जा और मर्यादा छोड़कर मेरे आगे बार-बार दूसरे वीरका बल कहता है!॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 799 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सोउ मन समुझि त्रास नहिं मोरें। लिखा बिरंचि जरठ मति भोरें।।
आन बीर बल सठ मम आगें। पुनि पुनि कहसि लाज पति त्यागे।।
स्रोत अभिलेख 6.29 · पुस्तक पृ. 799, 800
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सोउ मन समुझि त्रास नहिं मोरें। लिखा बिरंचि जरठ मति भोरें।।
English explanation
Even considering that, I feel no fear; aged Brahma wrote it in a confusion of mind.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोउ | उस बात को भी | even that |
| मन | मन में | in the mind |
| समुझि | समझकर | considering |
| त्रास | भय | fear |
| नहिं | नहीं | not |
| मोरें | मुझे | for me |
| लिखा | लिख दिया | wrote |
| बिरंचि | ब्रह्मा ने | Brahma |
| जरठ | बूढ़े | aged |
| मति | बुद्धि के | of mind |
| भोरें | भ्रम में | in confusion |
2 आन बीर बल सठ मम आगें। पुनि पुनि कहसि लाज पति त्यागे।।
English explanation
Fool! Casting aside shame and dignity, you repeatedly proclaim another warrior’s strength before me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आन | दूसरे | another |
| बीर | वीर का | warrior’s |
| बल | बल | strength |
| सठ | हे मूर्ख | you fool |
| मम | मेरे | me |
| आगें | सामने | before |
| पुनि | फिर | again |
| पुनि | फिर | and again |
| कहसि | तू कहता है | you speak of |
| लाज | लज्जा | shame |
| पति | प्रतिष्ठा | dignity |
| त्यागे | त्यागकर | having abandoned |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.29
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 799
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 799, 800
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