लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जरत बिलोकेउँ जबहिं कपाला। बिधि के लिखे अंक निज भाला।।
मूल पाठ
जरत बिलोकेउँ जबहिं कपाला। बिधि के लिखे अंक निज भाला।।
नर कें कर आपन बध बाँची। हसेउँ जानि बिधि गिरा असाँची।।
स्रोत अभिलेख 6.29 · पुस्तक पृ. 799, 800
भावार्थ
मूल पाठ के बादमस्तकोंके जलते समय जब मैंने अपने ललाटोंपर लिखे हुए विधाताके अक्षर देखे, तब मनुष्यके हाथसे अपनी मृत्यु होना बाँचकर, विधाताकी वाणी (लेखको) असत्य जानकर मैं हँसा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 799 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जरत बिलोकेउँ जबहिं कपाला। बिधि के लिखे अंक निज भाला।।
English explanation
AI draft: When I looked at my burning heads, I saw the marks of destiny Brahma had written on my forehead.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जरत | जलते हुए | burning |
| बिलोकेउँ | मैंने देखा | I saw |
| जबहिं | जैसे ही | as soon as |
| कपाला | सिरों को | the heads |
| बिधि | ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| के | के द्वारा | by |
| लिखे | लिखे हुए | written |
| अंक | भाग्य के अक्षर | marks of destiny |
| निज | अपने | my own |
| भाला | ललाट पर | on the forehead |
2 नर कें कर आपन बध बाँची। हसेउँ जानि बिधि गिरा असाँची।।
English explanation
Reading that I would be slain by a human hand, I laughed, taking Brahma’s pronouncement to be false.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नर | मनुष्य | a human |
| कें | के | of |
| कर | हाथों | by the hand |
| आपन | अपना | my own |
| बध | वध | slaying |
| बाँची | पढ़कर | having read |
| हसेउँ | मैं हँसा | I laughed |
| जानि | समझकर | considering |
| बिधि | ब्रह्मा की | Brahma’s |
| गिरा | वाणी | pronouncement |
| असाँची | असत्य | untrue |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.29
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 799
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 799, 800
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।