लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सैल बिसाल आनि कपि देहीं। कंदुक इव नल नील ते लेहीं।।
मूल पाठ
सैल बिसाल आनि कपि देहीं। कंदुक इव नल नील ते लेहीं।।
देखि सेतु अति सुंदर रचना। बिहसि कृपानिधि बोले बचना।।
स्रोत अभिलेख 6.2 · पुस्तक पृ. 773, 774
भावार्थ
मूल पाठ के बादवानर बड़े-बड़े पहाड़ ला-लाकर देते हैं और नल-नील उन्हें गेंदकी तरह ले लेते हैं। सेतुकी अत्यन्त सुन्दर रचना देखकर कृपासिन्धु श्रीरामजी हँसकर वचन बोले—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 773 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सैल बिसाल आनि कपि देहीं। कंदुक इव नल नील ते लेहीं।।
English explanation
The monkeys bring and hand over enormous mountains, and Nala and Nila receive them like balls.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सैल | पर्वत | mountains |
| बिसाल | विशाल | enormous |
| आनि | लाकर | having brought |
| कपि | वानर | the monkeys |
| देहीं | देते हैं | hand over |
| कंदुक | गेंद | a ball |
| इव | की तरह | like |
| नल | सेतु बनाने वाले वानर नल | Nala, a monkey bridge-builder |
| नील | सेतु बनाने वाले वानर नील | Nila, a monkey bridge-builder |
| ते | उन पर्वतों को | those mountains |
| लेहीं | ले लेते हैं | receive |
2 देखि सेतु अति सुंदर रचना। बिहसि कृपानिधि बोले बचना।।
English explanation
Seeing the bridge’s exceedingly beautiful construction, Rama, the repository of compassion, smiled and spoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| सेतु | पुल | the bridge |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| रचना | बनावट | construction |
| बिहसि | मुसकराकर | smiling |
| कृपानिधि | कृपा के भंडार राम | Rama, the repository of compassion |
| बोले | बोले | spoke |
| बचना | वचन | these words |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 773
- सहायक विषय
- नल-नीलद्वारा पुल बाँधना, श्रीरामजीद्वारा श्रीरामेश्वरकी स्थापना
- मुद्रित पृष्ठ
- 773, 774
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