लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुभट सकल चारिहुँ दिसि जाहू। धरि धरि भालु कीस सब खाहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[और बोला—] हे वीरो ! सब लोग चारों दिशाओंमें जाओ और रीछ-वानर सबको पकड़- पकड़कर खाओ। [शिवजी कहते हैं—] हे उमा! रावणको ऐसा अभिमान था जैसे टिटिहिरी पक्षी पैर ऊपरकी ओर करके सोता है [मानो आकाशको थाम लेगा]॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 811 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुभट सकल चारिहुँ दिसि जाहू। धरि धरि भालु कीस सब खाहू।।
उमा रावनहि अस अभिमाना। जिमि टिट्टिभ खग सूत उताना।।
स्रोत अभिलेख 6.4 · पुस्तक पृ. 811, 812
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुभट सकल चारिहुँ दिसि जाहू। धरि धरि भालु कीस सब खाहू।।
English explanation
“All you warriors, go in all four directions; seize the bears and monkeys one after another and eat them all.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुभट | योद्धाओ | warriors |
| सकल | सभी | all |
| चारिहुँ | चारों | all four |
| दिसि | दिशाओं में | in the directions |
| जाहू | जाओ | go |
| धरि | पकड़कर | seizing |
| धरि | बार-बार पकड़कर | seizing one after another |
| भालु | भालुओं को | the bears |
| कीस | वानरों को | the monkeys |
| सब | सबको | all of them |
| खाहू | खा जाओ | eat |
2 उमा रावनहि अस अभिमाना। जिमि टिट्टिभ खग सूत उताना।।
English explanation
O Uma, Ravana had such conceit as the lapwing that sleeps on its back.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उमा | हे उमा, पार्वती | O Uma, Parvati |
| रावनहि | रावण को | Ravana had |
| अस | ऐसा | such |
| अभिमाना | अभिमान | conceit |
| जिमि | जैसे | as |
| टिट्टिभ | टिट्टिभ, टिटहरी | lapwing |
| खग | पक्षी | bird |
| सूत | सोता है | sleeps |
| उताना | पीठ के बल, पैर ऊपर करके | on its back, feet upward |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.4
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 811
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 811, 812
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