लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आए कीस काल के प्रेरे। छुधावंत सब निसिचर मेरे।।
मूल पाठ
आए कीस काल के प्रेरे। छुधावंत सब निसिचर मेरे।।
अस कहि अट्टहास सठ कीन्हा। गृह बैठे अहार बिधि दीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 6.4 · पुस्तक पृ. 811, 812
भावार्थ
मूल पाठ के बादबंदर कालकी प्रेरणासे चले आये हैं। मेरे राक्षस सभी भूखे हैं। विधाताने इन्हें घर बैठे भोजन भेज दिया। ऐसा कहकर उस मूर्खने अट्टहास किया (वह बड़े जोरसे ठहाका मारकर हँसा)॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 811 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 आए कीस काल के प्रेरे। छुधावंत सब निसिचर मेरे।।
English explanation
“These monkeys have come impelled by death; all my demons are hungry.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आए | आए हैं | have come |
| कीस | वानर | monkeys |
| काल | काल अर्थात मृत्यु | death |
| के | के द्वारा | by |
| प्रेरे | प्रेरित होकर | impelled |
| छुधावंत | भूखे | hungry |
| सब | सभी | all |
| निसिचर | राक्षस | demons |
| मेरे | मेरे | my |
2 अस कहि अट्टहास सठ कीन्हा। गृह बैठे अहार बिधि दीन्हा।।
English explanation
Saying this, the fool laughed loudly: “The Creator has supplied food without our even leaving home!”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| कहि | कहकर | having said |
| अट्टहास | जोर का ठहाका | a loud peal of laughter |
| सठ | मूर्ख रावण ने | the fool, Ravana |
| कीन्हा | किया | gave |
| गृह | घर में | at home |
| बैठे | बैठे ही | while merely sitting |
| अहार | भोजन | food |
| बिधि | विधाता ने | the Creator |
| दीन्हा | दे दिया | has given |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.4
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 811
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 811, 812
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।