लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनु सुत भयउ कालबस रावन। सो कि मान अब परम सिखावन।।
मूल पाठ
सुनु सुत भयउ कालबस रावन। सो कि मान अब परम सिखावन।।
धन्य धन्य तैं धन्य बिभीषन। भयहु तात निसिचर कुल भूषन।।
स्रोत अभिलेख 6.64 · पुस्तक पृ. 833, 834
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[कुम्भकर्णने कहा—] हे पुत्र! सुन, रावण तो कालके वश हो गया है (उसके सिरपर मृत्यु नाच रही है)। वह क्या अब उत्तम शिक्षा मान सकता है? हे विभीषण! तू धन्य है, धन्य है, धन्य है। हे तात! तू राक्षसकुलका भूषण हो गया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 834 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुनु सुत भयउ कालबस रावन। सो कि मान अब परम सिखावन।।
English explanation
Kumbhakarna said: Listen, my son, Ravana has fallen under death's sway; will he now heed even the finest counsel?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| सुत | हे बेटे | my son |
| भयउ | हो गया | has become |
| कालबस | काल के अधीन | under death's sway |
| रावन | रावण | Ravana |
| सो | वह | he |
| कि | क्या | will ... ? |
| मान | मानेगा | heed |
| अब | अब | now |
| परम | अत्युत्तम | the finest |
| सिखावन | सीख | counsel |
2 धन्य धन्य तैं धन्य बिभीषन। भयहु तात निसिचर कुल भूषन।।
English explanation
Blessed, blessed, blessed are you, Vibhishana! Dear brother, you have become the glory of the demon lineage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धन्य | धन्य | blessed |
| धन्य | धन्य | blessed |
| तैं | तुम | you |
| धन्य | धन्य | blessed |
| बिभीषन | हे विभीषण | Vibhishana |
| भयहु | तुम हो गए | you have become |
| तात | हे प्रिय भाई | dear brother |
| निसिचर | राक्षसों के | of demons |
| कुल | कुल का | of the lineage |
| भूषन | गौरव बढ़ाने वाला भूषण | an ornament and glory |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.64
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 834
- सहायक विषय
- रावणका कुम्भकर्णको जगाना, कुम्भकर्णका रावणको उपदेश और विभीषण-कुम्भकर्ण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 833, 834
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।