लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बंधु बंस तैं कीन्ह उजागर। भजेहु राम सोभा सुख सागर।।
मूल पाठ
बंधु बंस तैं कीन्ह उजागर। भजेहु राम सोभा सुख सागर।।
स्रोत अभिलेख 6.64 · पुस्तक पृ. 833, 834
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे भाई! तूने अपने कुलको देदीप्यमान कर दिया, जो शोभा और सुखके समुद्र श्रीरामजीको भजा॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 834 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बंधु बंस तैं कीन्ह उजागर। भजेहु राम सोभा सुख सागर।।
English explanation
Brother, you have brought glory to the lineage by worshipping Rama, the ocean of beauty and happiness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बंधु | हे भाई | brother |
| बंस | वंश को | the lineage |
| तैं | तुमने | you |
| कीन्ह | किया | made |
| उजागर | गौरवान्वित | illustrious |
| भजेहु | तुमने भजा | you worshipped |
| राम | राम को | Rama |
| सोभा | शोभा के | of beauty |
| सुख | सुख के | of happiness |
| सागर | सागर | the ocean |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.64
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 834
- सहायक विषय
- रावणका कुम्भकर्णको जगाना, कुम्भकर्णका रावणको उपदेश और विभीषण-कुम्भकर्ण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 833, 834
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