लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनु सर्बग्य सकल उर बासी। बुधि बल तेज धर्म गुन रासी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे सर्वज्ञ (सब कुछ जाननेवाले)! हे सबके हृदयमें बसनेवाले (अन्तर्यामी)! हे बुद्धि, बल, तेज, धर्म और गुणोंकी राशि! सुनिये! मैं अपनी बुद्धिके अनुसार सलाह देता हूँ कि बालिकुमार अंगदको दूत बनाकर भेजा जाय!॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 787 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुनु सर्बग्य सकल उर बासी। बुधि बल तेज धर्म गुन रासी।।
मंत्र कहउँ निज मति अनुसारा। दूत पठाइअ बालिकुमारा।।
स्रोत अभिलेख 6.17 · पुस्तक पृ. 787, 788
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनु सर्बग्य सकल उर बासी। बुधि बल तेज धर्म गुन रासी।।
English explanation
Listen, O all-knowing one who dwells in every heart, treasury of wisdom, strength, radiance, righteousness, and virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनिए | listen |
| सर्बग्य | हे सब कुछ जानने वाले | O all-knowing one |
| सकल | सबके | of all |
| उर | हृदय में | in the heart |
| बासी | निवास करने वाले | one who dwells |
| बुधि | बुद्धि | wisdom |
| बल | बल | strength |
| तेज | तेज | radiance |
| धर्म | धर्म | righteousness |
| गुन | गुणों की | of virtues |
| रासी | राशि, भंडार | treasury |
2 मंत्र कहउँ निज मति अनुसारा। दूत पठाइअ बालिकुमारा।।
English explanation
I offer counsel according to my understanding: send Angada, Bali’s son, as an envoy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंत्र | सलाह | counsel |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I offer |
| निज | अपनी | my own |
| मति | बुद्धि | understanding |
| अनुसारा | के अनुसार | according to |
| दूत | दूत के रूप में | as an envoy |
| पठाइअ | भेजिए | please send |
| बालिकुमारा | बालि के पुत्र अंगद को | Angada, son of Bali |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 787
- सहायक विषय
- मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना और श्रीरामकी महिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 787, 788
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।