लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनु सठ सोइ रावन बलसीला। हरगिरि जान जासु भुज लीला।।
मूल पाठ
सुनु सठ सोइ रावन बलसीला। हरगिरि जान जासु भुज लीला।।
जान उमापति जासु सुराई। पूजेउँ जेहि सिर सुमन चढ़ाई।।
स्रोत अभिलेख 6.25 · पुस्तक पृ. 796, 796
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[रावणने कहा—] अरे मूर्ख! सुन, मैं वही बलवान् रावण हूँ जिसकी भुजाओंकी लीला (करामात) कैलास पर्वत जानता है। जिसकी शूरता उमापति महादेवजी जानते हैं, जिन्हें अपने सिररूपी पुष्प चढ़ा-चढ़ाकर मैंने पूजा था॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 796 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनु सठ सोइ रावन बलसीला। हरगिरि जान जासु भुज लीला।।
English explanation
Listen, fool! I am that mighty Ravana whose feats of arms are known to Shiva’s mountain, Kailash.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुन | listen |
| सठ | हे मूर्ख | O fool |
| सोइ | वही | that very |
| रावन | रावण, लंका का राजा | Ravana, king of Lanka |
| बलसीला | बलशाली | mighty |
| हरगिरि | शिव का पर्वत कैलास | Kailash, Shiva’s mountain |
| जान | जानता है | knows |
| जासु | जिसकी | whose |
| भुज | भुजाओं की | of the arms |
| लीला | शक्ति के करतब | feats of strength |
2 जान उमापति जासु सुराई। पूजेउँ जेहि सिर सुमन चढ़ाई।।
English explanation
Shiva, Uma’s husband, knows my valor; I worshipped him by placing flowers upon his head.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जान | जानते हैं | knows |
| उमापति | उमा के पति शिव | Shiva, husband of Uma |
| जासु | जिसकी, अर्थात मेरी | whose—that is, my |
| सुराई | वीरता | valor |
| पूजेउँ | मैंने पूजा की | I worshipped |
| जेहि | जिनके | whose |
| सिर | सिर पर | upon the head |
| सुमन | फूल | flowers |
| चढ़ाई | चढ़ाकर | having offered |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 796
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 796, 796
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।