लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि संदेसु भानुकुलभूषन। बोलि लिए जुबराज बिभीषन।।
मूल पाठ
सुनि संदेसु भानुकुलभूषन। बोलि लिए जुबराज बिभीषन।।
मारुतसुत के संग सिधावहु। सादर जनकसुतहि लै आवहु।।
स्रोत अभिलेख 6.108 · पुस्तक पृ. 885, 886
भावार्थ
मूल पाठ के बादसूर्यकुलभूषण श्रीरामजीने सन्देश सुनकर युवराज अंगद और विभीषणको बुला लिया [और कहा—] पवनपुत्र हनुमान्के साथ जाओ और जानकीको आदरके साथ ले आओ॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 886 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुनि संदेसु भानुकुलभूषन। बोलि लिए जुबराज बिभीषन।।
English explanation
Hearing the message, Rama, the glory of the solar dynasty, summoned Crown Prince Angada and Vibhishana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| संदेसु | संदेश | message |
| भानुकुलभूषन | सूर्यवंश के भूषण राम | Rama, ornament of the solar dynasty |
| बोलि | बुला | called |
| लिए | लिया | in; to himself |
| जुबराज | युवराज अंगद | Crown Prince Angada |
| बिभीषन | विभीषण, लंका के राजा | Vibhishana, king of Lanka |
2 मारुतसुत के संग सिधावहु। सादर जनकसुतहि लै आवहु।।
English explanation
Go with Hanuman, the wind god’s son, and bring Sita, Janaka’s daughter, with due respect.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारुतसुत | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind god |
| के | के | of; with |
| संग | साथ | alongside |
| सिधावहु | जाओ | go; set out |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| जनकसुतहि | जनकपुत्री सीता को | Sita, Janaka’s daughter |
| लै | लेकर | taking; bringing |
| आवहु | आओ | come |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.108
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 886
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सीताजीको कुशल सुनाना, सीताजीका आगमन और अग्नि-परीक्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 885, 886
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