लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि कठोर बानी कपि केरी। कहत दसानन नयन तरेरी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवानर (अंगद) की कठोर वाणी सुनकर रावण आँखें तरेरकर (तिरछी करके) बोला—अरे दुष्ट! मैं तेरे सब कठोर वचन इसीलिये सह रहा हूँ कि मैं नीति और धर्मको जानता हूँ (उन्हींकी रक्षा कर रहा हूँ)॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 792 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुनि कठोर बानी कपि केरी। कहत दसानन नयन तरेरी।।
खल तव कठिन बचन सब सहऊँ। नीति धर्म मैं जानत अहऊँ।।
स्रोत अभिलेख 6.22 · पुस्तक पृ. 792, 792
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुनि कठोर बानी कपि केरी। कहत दसानन नयन तरेरी।।
English explanation
Hearing the monkey Angada's harsh words, Ravana speaks, glaring at him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| कठोर | कठोर; तीखी | harsh; cutting |
| बानी | वाणी; बातें | speech; words |
| कपि | वानर अंगद | the monkey Angada |
| केरी | की | of; belonging to |
| कहत | कहता है | says |
| दसानन | दस मुखों वाला रावण | Ravana, the ten-headed one |
| नयन | आँखें | eyes |
| तरेरी | तरेरकर | glaring; narrowing angrily |
2 खल तव कठिन बचन सब सहऊँ। नीति धर्म मैं जानत अहऊँ।।
English explanation
You wicked fellow, I endure all your harsh words, for I know proper conduct and duty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खल | अरे दुष्ट | you wicked fellow |
| तव | तुम्हारे | your |
| कठिन | कठोर; कटु | harsh; bitter |
| बचन | वचन | words |
| सब | सभी | all |
| सहऊँ | मैं सहता हूँ | I endure |
| नीति | नीति; उचित आचरण | proper conduct; ethical policy |
| धर्म | धर्म; कर्तव्य | duty; righteousness |
| मैं | मैं | I |
| जानत | जानता | know |
| अहऊँ | हूँ | am |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 792
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 792, 792
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