लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
साहस अनृत चपलता माया। भय अबिबेक असौच अदाया।।
मूल पाठ
साहस अनृत चपलता माया। भय अबिबेक असौच अदाया।।
रिपु कर रुप सकल तैं गावा। अति बिसाल भय मोहि सुनावा।।
स्रोत अभिलेख 6.16 · पुस्तक पृ. 786, 787
भावार्थ
मूल पाठ के बादसाहस, झूठ, चञ्चलता, माया (छल), भय (डरपोकपन), अविवेक (मूर्खता), अपवित्रता और निर्दयता। तूने शत्रुका समग्र (विराट्) रूप गाया और मुझे उसका बड़ा भारी भय सुनाया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 786 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 साहस अनृत चपलता माया। भय अबिबेक असौच अदाया।।
English explanation
They are rashness, falsehood, fickleness, deceit, fear, lack of discernment, impurity, and mercilessness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| साहस | दुस्साहस | rashness |
| अनृत | असत्य | falsehood |
| चपलता | चंचलता | fickleness |
| माया | छल | deceit |
| भय | भय | fear |
| अबिबेक | विवेक का अभाव | lack of discernment |
| असौच | अशुद्धता | impurity |
| अदाया | दया का अभाव | mercilessness |
2 रिपु कर रुप सकल तैं गावा। अति बिसाल भय मोहि सुनावा।।
English explanation
You have described the enemy’s entire nature and told me of a very great cause for fear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रिपु | शत्रु | the enemy |
| कर | का | of |
| रुप | स्वरूप | nature and form |
| सकल | समस्त | entire |
| तैं | तुमने | you |
| गावा | बखान किया | described |
| अति | अत्यंत | very |
| बिसाल | बड़ा | great |
| भय | भय का विषय | cause for fear |
| मोहि | मुझे | to me |
| सुनावा | सुनाया | recounted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 786
- सहायक विषय
- मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना और श्रीरामकी महिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 786, 787
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।