लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिहँसा नारि बचन सुनि काना। अहो मोह महिमा बलवाना।।
मूल पाठ
बिहँसा नारि बचन सुनि काना। अहो मोह महिमा बलवाना।।
नारि सुभाउ सत्य सब कहहीं। अवगुन आठ सदा उर रहहीं।।
स्रोत अभिलेख 6.16 · पुस्तक पृ. 786, 787
भावार्थ
मूल पाठ के बादपत्नीके वचन कानोंसे सुनकर रावण खूब हँसा [और बोला—] अहो! मोह (अज्ञान) की महिमा बड़ी बलवान् है! स्त्रीका स्वभाव सब सत्य ही कहते हैं कि उसके हृदयमें आठ अवगुण सदा रहते हैं—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 786 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1बिहँसा नारि बचन सुनि काना। अहो मोह महिमा बलवाना।।
English explanation
AI draft: Hearing his wife Mandodari’s words, Ravana laughed and said, ‘Ah, how powerful is the influence of delusion!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिहँसा | हँसा | laughed |
| नारि | पत्नी मंदोदरी के | his wife Mandodari’s |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| काना | कानों से | with his ears |
| अहो | अहो! | Ah! |
| मोह | मोह का | of delusion |
| महिमा | प्रभाव | influence |
| बलवाना | प्रबल है | is powerful |
2 नारि सुभाउ सत्य सब कहहीं। अवगुन आठ सदा उर रहहीं।।
English explanation
Ravana says, ‘Everyone speaks truly about a woman’s nature: eight faults always dwell in her heart.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नारि | स्त्री का | a woman’s |
| सुभाउ | स्वभाव | nature |
| सत्य | सच | truly |
| सब | सभी | everyone |
| कहहीं | कहते हैं | say |
| अवगुन | दोष | faults |
| आठ | आठ | eight |
| सदा | सदा | always |
| उर | हृदय में | in the heart |
| रहहीं | रहते हैं | dwell |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 786
- सहायक विषय
- मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना और श्रीरामकी महिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 786, 787
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।