लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब बिधि कुसल कोसलाधीसा। मातु समर जीत्यो दससीसा।।
मूल पाठ
सब बिधि कुसल कोसलाधीसा। मातु समर जीत्यो दससीसा।।
अबिचल राजु बिभीषन पायो। सुनि कपि बचन हरष उर छायो।।
स्रोत अभिलेख 6.107 · पुस्तक पृ. 884, 885
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[हनुमान्जीने कहा—] हे माता! कोसलपति श्रीरामजी सब प्रकारसे सकुशल हैं। उन्होंने संग्राममें दस सिरवाले रावणको जीत लिया है और विभीषणने अचल राज्य प्राप्त किया है। हनुमान्जीके वचन सुनकर सीताजीके हृदयमें हर्ष छा गया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 885 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सब बिधि कुसल कोसलाधीसा। मातु समर जीत्यो दससीसा।।
English explanation
Hanuman said, “Mother, Rama, the lord of Kosala, is well in every way. He has defeated the ten-headed Ravana in battle.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सब | every |
| बिधि | प्रकार से | in respect |
| कुसल | कुशल हैं | is well |
| कोसलाधीसा | कोसल के स्वामी राम | Rama, lord of Kosala |
| मातु | हे माता | O Mother |
| समर | युद्ध में | in battle |
| जीत्यो | पराजित किया | defeated |
| दससीसा | दस सिर वाले रावण को | the ten-headed Ravana |
2 अबिचल राजु बिभीषन पायो। सुनि कपि बचन हरष उर छायो।।
English explanation
Vibhishana has gained a secure kingdom. Hearing Hanuman’s words, Sita’s heart filled with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अबिचल | अटल; स्थिर | secure; enduring |
| राजु | राज्य | kingdom; sovereignty |
| बिभीषन | रावण के भाई विभीषण ने | Vibhishana, Ravana’s brother |
| पायो | प्राप्त किया | obtained |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| कपि | हनुमान के | Hanuman’s |
| बचन | वचन | words |
| हरष | आनंद | joy |
| उर | हृदय में | in her heart |
| छायो | छा गया | spread; filled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.107
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 885
- सहायक विषय
- विभीषणका राज्याभिषेक
- मुद्रित पृष्ठ
- 884, 885
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