लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दूरहि ते प्रनाम कपि कीन्हा। रघुपति दूत जानकीं चीन्हा।।
मूल पाठ
दूरहि ते प्रनाम कपि कीन्हा। रघुपति दूत जानकीं चीन्हा।।
कहहु तात प्रभु कृपानिकेता। कुसल अनुज कपि सेन समेता।।
स्रोत अभिलेख 6.107 · पुस्तक पृ. 884, 885
भावार्थ
मूल पाठ के बादहनुमान्जीने [सीताजीको] दूरसे ही प्रणाम किया। जानकीजीने पहचान लिया कि यह वही श्रीरघुनाथजीका दूत है [और पूछा—] हे तात! कहो, कृपाके धाम मेरे प्रभु छोटे भाई और वानरोंकी सेनासहित कुशलसे तो हैं?॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 885 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दूरहि ते प्रनाम कपि कीन्हा। रघुपति दूत जानकीं चीन्हा।।
English explanation
Hanuman bowed from a distance. Janaki recognized him as Rama’s messenger.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दूरहि | दूर ही | at a distance |
| ते | से | from |
| प्रनाम | प्रणाम | a respectful bow |
| कपि | वानर हनुमान ने | Hanuman, the monkey warrior |
| कीन्हा | किया | made |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम का | of Rama, lord of the Raghu lineage |
| दूत | दूत | messenger |
| जानकीं | जानकी अर्थात सीता ने | Janaki, Sita |
| चीन्हा | पहचान लिया | recognized |
2 कहहु तात प्रभु कृपानिकेता। कुसल अनुज कपि सेन समेता।।
English explanation
Sita asked, “Tell me, dear one: is the Lord, the abode of compassion, well, along with his younger brother and the monkey army?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहु | बताओ | tell me |
| तात | प्रिय पुत्र | dear child |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| कृपानिकेता | कृपा के धाम | the abode of compassion |
| कुसल | कुशल हैं क्या | is he well |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | his younger brother Lakshmana |
| कपि | वानरों की | of monkeys |
| सेन | सेना | army |
| समेता | सहित | together with |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.107
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 885
- सहायक विषय
- विभीषणका राज्याभिषेक
- मुद्रित पृष्ठ
- 884, 885
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