लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
संग भालु भूधर तरु धारी। मारन लगे पचारि पचारी।।
मूल पाठ
संग भालु भूधर तरु धारी। मारन लगे पचारि पचारी।।
भयउ क्रुद्ध रावन बलवाना। गहि पद महि पटकइ भट नाना।।
स्रोत अभिलेख 6.98 · पुस्तक पृ. 872, 873
भावार्थ
मूल पाठ के बादजाम्बवान्के साथ जो भालू थे, वे पर्वत और वृक्ष धारण किये रावणको ललकार-ललकारकर मारने लगे। बलवान् रावण क्रोधित हुआ और पैर पकड़-पकड़कर वह अनेकों योद्धाओंको पृथ्वीपर पटकने लगा॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 873 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 संग भालु भूधर तरु धारी। मारन लगे पचारि पचारी।।
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2 भयउ क्रुद्ध रावन बलवाना। गहि पद महि पटकइ भट नाना।।
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स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.98
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 873
- सहायक विषय
- घोर युद्ध, रावणकी मूर्च्छा
- मुद्रित पृष्ठ
- 872, 873
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