लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रोवहिं नारि हृदय हति पानी। तासु तेज बल बिपुल बखानी।।
मूल पाठ
रोवहिं नारि हृदय हति पानी। तासु तेज बल बिपुल बखानी।।
मेघनाद तेहि अवसर आयउ। कहि बहु कथा पिता समुझायउ।।
स्रोत अभिलेख 6.72 · पुस्तक पृ. 841, 842
भावार्थ
मूल पाठ के बादस्त्रियाँ उसके बड़े भारी तेज और बलको बखान करके हाथोंसे छाती पीट-पीटकर रो रही हैं। उसी समय मेघनाद आया और उसने बहुत-सी कथाएँ कहकर पिताको समझाया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 841 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रोवहिं नारि हृदय हति पानी। तासु तेज बल बिपुल बखानी।।
English explanation
The women weep, beating their breasts with their hands and recounting his immense might and strength.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रोवहिं | रोती हैं | weep |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| हृदय | छाती | breast |
| हति | पीटकर | beating |
| पानी | हाथों से | with their hands |
| तासु | उस कुंभकर्ण का | of that Kumbhakarna |
| तेज | तेज और प्रताप | splendor and might |
| बल | बल | strength |
| बिपुल | अपार | immense |
| बखानी | बखानकर | recounting |
2 मेघनाद तेहि अवसर आयउ। कहि बहु कथा पिता समुझायउ।।
English explanation
Meghanada arrived at that moment and reassured his father with many words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मेघनाद | रावण का पुत्र मेघनाद | Meghanada, Ravana’s son |
| तेहि | उस | that |
| अवसर | समय | moment |
| आयउ | आया | arrived |
| कहि | कहकर | saying |
| बहु | बहुत-सी | many |
| कथा | बातें | words of counsel |
| पिता | पिता को | his father |
| समुझायउ | समझाया और ढाढ़स दिया | counseled and reassured |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.72
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 841
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 841, 842
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।