लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम मनुज कस रे सठ बंगा। धन्वी कामु नदी पुनि गंगा।।
मूल पाठ
राम मनुज कस रे सठ बंगा। धन्वी कामु नदी पुनि गंगा।।
पसु सुरधेनु कल्पतरु रूखा। अन्न दान अरु रस पीयूषा।।
स्रोत अभिलेख 6.26 · पुस्तक पृ. 797, 797
भावार्थ
मूल पाठ के बादक्यों रे मूर्ख उद्दण्ड! श्रीरामचन्द्रजी मनुष्य हैं? कामदेव भी क्या धनुर्धारी है? और गङ्गाजी क्या नदी हैं? कामधेनु क्या पशु है? और कल्पवृक्ष क्या पेड़ है? अन्न भी क्या दान है? और अमृत क्या रस है?॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 797 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 राम मनुज कस रे सठ बंगा। धन्वी कामु नदी पुनि गंगा।।
English explanation
You foolish, crooked fellow, how is Rama an ordinary man? Is the god of love merely an archer, or the Ganges merely a river?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम | Rama |
| मनुज | साधारण मनुष्य | an ordinary human |
| कस | कैसे | how |
| रे | अरे | you; O |
| सठ | मूर्ख | fool |
| बंगा | कुटिल | crooked; perverse |
| धन्वी | धनुर्धर | bow-bearer; archer |
| कामु | कामदेव | the god of love |
| नदी | नदी | river |
| पुनि | और; फिर | and; further |
| गंगा | पवित्र गंगा | the sacred Ganges |
2 पसु सुरधेनु कल्पतरु रूखा। अन्न दान अरु रस पीयूषा।।
English explanation
Is the wish-fulfilling cow merely an animal, the wish-fulfilling tree merely a tree, giving food merely a gift, or nectar merely a liquid?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पसु | पशु | animal |
| सुरधेनु | देवगाय कामधेनु | the divine wish-fulfilling cow |
| कल्पतरु | मनोकामना पूरी करने वाला वृक्ष | the wish-fulfilling tree |
| रूखा | पेड़ | tree |
| अन्न | भोजन; अन्न | food; grain |
| दान | दान | charitable gift |
| अरु | और | and |
| रस | रस; तरल पदार्थ | juice; liquid |
| पीयूषा | अमृत | nectar of immortality |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 797
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 797, 797
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।