लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामाकार भए तिन्ह के मन। मुक्त भए छूटे भव बंधन।।
मूल पाठ
रामाकार भए तिन्ह के मन। मुक्त भए छूटे भव बंधन।।
सुर अंसिक सब कपि अरु रीछा। जिए सकल रघुपति कीं ईछा।।
स्रोत अभिलेख 6.114 · पुस्तक पृ. 894, 894
भावार्थ
मूल पाठ के बादक्योंकि राक्षसोंके मन तो मरते समय रामाकार हो गये थे। अत: वे मुक्त हो गये, उनके भव- बन्धन छूट गये। किन्तु वानर और भालू तो सब देवांश (भगवान्की लीलाके परिकर) थे। इसलिये वे सब श्रीरघुनाथजीकी इच्छासे जीवित हो गये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 894 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 रामाकार भए तिन्ह के मन। मुक्त भए छूटे भव बंधन।।
English explanation
Those demons’ minds had become wholly absorbed in Rama’s form; they attained liberation and were freed from the bonds of worldly existence.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामाकार | राम के रूप में तन्मय | wholly absorbed in Rama’s form |
| भए | हो गए | had become |
| तिन्ह | उन राक्षसों | those demons |
| के | के | of |
| मन | मन | minds |
| मुक्त | मुक्त | liberated |
| भए | हो गए | became |
| छूटे | छूट गए | were freed from |
| भव | संसार के | of worldly existence |
| बंधन | बंधन | bonds |
2 सुर अंसिक सब कपि अरु रीछा। जिए सकल रघुपति कीं ईछा।।
English explanation
All the monkeys and bears were born of portions of the gods. Rama willed it, and they all returned to life.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवताओं के | of the gods |
| अंसिक | अंश से उत्पन्न | born of portions |
| सब | सभी | all |
| कपि | वानर | monkeys |
| अरु | और | and |
| रीछा | भालू | bears |
| जिए | जीवित हो गए | returned to life |
| सकल | सब | all |
| रघुपति | रघुवंश के स्वामी राम ने | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| कीं | की | exercised |
| ईछा | इच्छा | his will |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.114
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 894
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 894, 894
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।