लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राजत रामु सहित भामिनी। मेरु सृंग जनु घन दामिनी।।
मूल पाठ
राजत रामु सहित भामिनी। मेरु सृंग जनु घन दामिनी।।
रुचिर बिमानु चलेउ अति आतुर। कीन्ही सुमन बृष्टि हरषे सुर।।
स्रोत अभिलेख 6.119 · पुस्तक पृ. 899, 900
भावार्थ
मूल पाठ के बादपत्नीसहित श्रीरामजी ऐसे सुशोभित हो रहे हैं मानो सुमेरुके शिखरपर बिजलीसहित श्याम मेघ हो। सुन्दर विमान बड़ी शीघ्रतासे चला। देवता हर्षित हुए और उन्होंने फूलोंकी वर्षा की॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 900 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राजत रामु सहित भामिनी। मेरु सृंग जनु घन दामिनी।।
English explanation
Rama shone with Sita like a cloud and lightning upon Mount Meru’s peak.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राजत | शोभित हैं | shine splendidly |
| रामु | राम | Rama |
| सहित | साथ | with |
| भामिनी | पत्नी सीता | his wife Sita |
| मेरु | मेरु पर्वत के | of Mount Meru |
| सृंग | शिखर पर | upon the peak |
| जनु | मानो | as though |
| घन | बादल | cloud |
| दामिनी | बिजली | lightning |
2 रुचिर बिमानु चलेउ अति आतुर। कीन्ही सुमन बृष्टि हरषे सुर।।
English explanation
The beautiful aerial chariot moved very swiftly; the delighted gods showered flowers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रुचिर | सुंदर | beautiful |
| बिमानु | विमान | aerial chariot |
| चलेउ | चला | moved |
| अति | बहुत | very |
| आतुर | तेजी से | swiftly |
| कीन्ही | की | performed |
| सुमन | फूलों की | of flowers |
| बृष्टि | वर्षा | shower |
| हरषे | हर्षित हुए | rejoiced |
| सुर | देवता | gods |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.119
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 900
- सहायक विषय
- पुष्पकविमानपर चढ़कर श्रीसीता-रामजीका अवधके लिये प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 899, 900
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।