लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चलत बिमान कोलाहल होई। जय रघुबीर कहइ सबु कोई।।
मूल पाठ
चलत बिमान कोलाहल होई। जय रघुबीर कहइ सबु कोई।।
सिंहासन अति उच्च मनोहर। श्री समेत प्रभु बैठै ता पर।।
स्रोत अभिलेख 6.119 · पुस्तक पृ. 899, 900
भावार्थ
मूल पाठ के बादविमानके चलते समय बड़ा शोर हो रहा है। सब कोई श्रीरघुवीरकी जय कह रहे हैं। विमानमें एक अत्यन्त ऊँचा मनोहर सिंहासन है। उसपर सीताजीसहित प्रभु श्रीरामचन्द्रजी विराजमान हो गये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 899 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चलत बिमान कोलाहल होई। जय रघुबीर कहइ सबु कोई।।
English explanation
As the aerial chariot set off, a great clamor arose; everyone cried, ‘Glory to Rama!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलत | चलते ही | as it set off |
| बिमान | विमान | aerial chariot |
| कोलाहल | जयघोष का कोलाहल | clamor of acclaim |
| होई | हुआ | arose |
| जय | जय हो | glory to |
| रघुबीर | रघुकुल के वीर राम | Rama, hero of the Raghu lineage |
| कहइ | कहता है | says |
| सबु | सब | every |
| कोई | व्यक्ति | person |
2 सिंहासन अति उच्च मनोहर। श्री समेत प्रभु बैठै ता पर।।
English explanation
The throne was very high and beautiful; Lord Rama sat upon it with Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिंहासन | सिंहासन | throne |
| अति | बहुत | very |
| उच्च | ऊँचा | high |
| मनोहर | सुंदर | beautiful |
| श्री | सीता | Sita |
| समेत | साथ | together with |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| बैठै | बैठे | sat |
| ता | उस | that |
| पर | पर | upon |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.119
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 899
- सहायक विषय
- पुष्पकविमानपर चढ़कर श्रीसीता-रामजीका अवधके लिये प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 899, 900
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