लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राच्छस कपट बेष तहँ सोहा। मायापति दूतहि चह मोहा।।
मूल पाठ
राच्छस कपट बेष तहँ सोहा। मायापति दूतहि चह मोहा।।
जाइ पवनसुत नायउ माथा। लाग सो कहै राम गुन गाथा।।
स्रोत अभिलेख 6.57 · पुस्तक पृ. 826, 827
भावार्थ
मूल पाठ के बादराक्षस वहाँ कपट [से मुनि]का वेष बनाये विराजमान था। वह मूर्ख अपनी मायासे मायापतिके दूतको मोहित करना चाहता था। मारुतिने उसके पास जाकर मस्तक नवाया। वह श्रीरामजीके गुणोंकी कथा कहने लगा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 826 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राच्छस कपट बेष तहँ सोहा। मायापति दूतहि चह मोहा।।
English explanation
The demon appeared there in a deceptive sage’s disguise; he wanted to delude the messenger of Rama, the master of illusion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राच्छस | राक्षस कालनेमि | the demon Kalanemi |
| कपट | छलपूर्ण | deceptive |
| बेष | वेश में | in disguise |
| तहँ | वहाँ | there |
| सोहा | शोभित था | appeared resplendent |
| मायापति | माया के स्वामी राम के | of Rama, master of illusion |
| दूतहि | दूत हनुमान को | the messenger Hanuman |
| चह | चाहता था | wanted |
| मोहा | मोह में डालना | to delude |
2 जाइ पवनसुत नायउ माथा। लाग सो कहै राम गुन गाथा।।
English explanation
Hanuman went there and bowed his head. The false sage began recounting Rama’s virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाइ | जाकर | having gone there |
| पवनसुत | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind god |
| नायउ | झुकाया | bowed |
| माथा | सिर | his head |
| लाग | लगा | began |
| सो | वह कपटी मुनि | that false sage |
| कहै | कहने | to recount |
| राम | श्रीराम के | of Rama |
| गुन | गुणों की | virtues |
| गाथा | कथा | the account |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.57
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 826
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सुषेण वैद्यको लाना एवं संजीवनीके लिये जाना, कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 826, 827
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।