लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रखवारे हति बिपिन उजारा। देखत तोहि अच्छ तेहिं मारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरखवालोंको मारकर उसने अशोकवन उजाड़ डाला। आपके देखते-देखते उसने अक्षयकुमारको मार डाला और सम्पूर्ण नगरको जलाकर राख कर दिया। उस समय आपके बलका गर्व कहाँ चला गया था?॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 807 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रखवारे हति बिपिन उजारा। देखत तोहि अच्छ तेहिं मारा।।
जारि सकल पुर कीन्हेसि छारा। कहाँ रहा बल गर्ब तुम्हारा।।
स्रोत अभिलेख 6.36 · पुस्तक पृ. 807, 808
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रखवारे हति बिपिन उजारा। देखत तोहि अच्छ तेहिं मारा।।
English explanation
He killed the guards, devastated the grove, and slew Akshayakumara while you watched.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रखवारे | रक्षकों को | the guards |
| हति | मारकर | having killed |
| बिपिन | वन, उपवन | grove |
| उजारा | उजाड़ दिया | devastated |
| देखत | देखते हुए | while watching |
| तोहि | तुम्हारे | you |
| अच्छ | अक्षयकुमार, रावण का पुत्र | Akshayakumara, Ravana’s son |
| तेहिं | उसने, हनुमान ने | he, Hanuman |
| मारा | मार डाला | slew |
2 जारि सकल पुर कीन्हेसि छारा। कहाँ रहा बल गर्ब तुम्हारा।।
English explanation
He burned the entire city to ashes. Where, then, were your strength and pride?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जारि | जलाकर | having burned |
| सकल | समूची | entire |
| पुर | नगरी | city |
| कीन्हेसि | उसने कर दिया | he made |
| छारा | राख | ashes |
| कहाँ | कहाँ | where |
| रहा | रह गया | remained |
| बल | शक्ति | strength |
| गर्ब | गर्व | pride |
| तुम्हारा | तुम्हारा | your |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 807
- सहायक विषय
- रावणको पुन: मन्दोदरीका समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 807, 808
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।