लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
याको फलु पावहिगो आगें। बानर भालु चपेटन्हि लागें।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइसका फल तू आगे वानर और भालुओंके चपेटे लगनेपर पावेगा। राम मनुष्य हैं, ऐसा वचन बोलते ही, अरे अभिमानी! तेरी जीभें नहीं गिर पड़तीं?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 803 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
याको फलु पावहिगो आगें। बानर भालु चपेटन्हि लागें।।
रामु मनुज बोलत असि बानी। गिरहिं न तव रसना अभिमानी।।
स्रोत अभिलेख 6.33 · पुस्तक पृ. 803, 804
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 याको फलु पावहिगो आगें। बानर भालु चपेटन्हि लागें।।
English explanation
You will reap the consequences of this when the monkeys’ and bears’ blows strike you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| याको | इसका | of this |
| फलु | फल | consequence |
| पावहिगो | तुम पाओगे | you will receive |
| आगें | आगे | hereafter |
| बानर | वानरों की | of monkeys |
| भालु | भालुओं की | of bears |
| चपेटन्हि | चपेटें | slaps or blows |
| लागें | लगने पर | when they strike |
2 रामु मनुज बोलत असि बानी। गिरहिं न तव रसना अभिमानी।।
English explanation
Proud one, do your tongues not fall off when you say, ‘Rama is a mere human’?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामु | राम | Rama |
| मनुज | मनुष्य | a human being |
| बोलत | कहते हुए | while saying |
| असि | ऐसी | such |
| बानी | बात | words |
| गिरहिं | गिर पड़तीं | fall off |
| न | नहीं | not |
| तव | तुम्हारी | your |
| रसना | जिह्वाएँ | tongues |
| अभिमानी | हे अभिमानी | proud one |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.33
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 803
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 803, 804
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।