लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
यह लघु जलधि तरत कति बारा। अस सुनि पुनि कह पवनकुमारा।।
मूल पाठ
यह लघु जलधि तरत कति बारा। अस सुनि पुनि कह पवनकुमारा।।
प्रभु प्रताप बड़वानल भारी। सोषेउ प्रथम पयोनिधि बारी।।
स्रोत अभिलेख 6.1 · पुस्तक पृ. 772, 773
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर यह छोटा-सा समुद्र पार करनेमें कितनी देर लगेगी? ऐसा सुनकर फिर पवनकुमार श्रीहनुमान्जीने कहा—प्रभुका प्रताप भारी बड़वानल (समुद्रकी आग) के समान है। इसने पहले समुद्रके जलको सोख लिया था॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 772 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 यह लघु जलधि तरत कति बारा। अस सुनि पुनि कह पवनकुमारा।।
English explanation
How long could it take to cross this little ocean? Hearing this, Hanuman, the wind-god’s son, spoke again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| लघु | छोटा-सा | small |
| जलधि | समुद्र | ocean |
| तरत | पार करने में | in crossing |
| कति | कितनी | how much |
| बारा | देर | time |
| अस | ऐसा | thus |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| पुनि | फिर | again |
| कह | बोले | said |
| पवनकुमारा | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind-god |
2 प्रभु प्रताप बड़वानल भारी। सोषेउ प्रथम पयोनिधि बारी।।
English explanation
The Lord’s might is a tremendous submarine fire; it had already dried up the ocean’s water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम का | Lord Rama’s |
| प्रताप | प्रताप | might |
| बड़वानल | समुद्र के भीतर की अग्नि | submarine fire |
| भारी | प्रचंड | tremendous |
| सोषेउ | सुखा दिया | dried up |
| प्रथम | पहले ही | already |
| पयोनिधि | समुद्र का | the ocean’s |
| बारी | जल | water |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 772
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 772, 773
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।