लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
माल्यवंत अति जरठ निसाचर। रावन मातु पिता मंत्री बर।।
मूल पाठ
माल्यवंत अति जरठ निसाचर। रावन मातु पिता मंत्री बर।।
बोला बचन नीति अति पावन। सुनहु तात कछु मोर सिखावन।।
स्रोत अभिलेख 6.48 · पुस्तक पृ. 818, 819
भावार्थ
मूल पाठ के बादमाल्यवंत [नामका एक] अत्यन्त बूढ़ा राक्षस था। वह रावणकी माताका पिता (अर्थात् उसका नाना) और श्रेष्ठ मन्त्री था। वह अत्यन्त पवित्र नीतिके वचन बोला—हे तात! कुछ मेरी सीख भी सुनो—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 819 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 माल्यवंत अति जरठ निसाचर। रावन मातु पिता मंत्री बर।।
English explanation
Malyavanta was a very aged demon, Ravana’s maternal grandfather and an excellent minister.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| माल्यवंत | माल्यवंत, रावण का नाना और मंत्री | Malyavanta, Ravana’s maternal grandfather and minister |
| अति | अत्यंत | very |
| जरठ | वृद्ध | aged |
| निसाचर | राक्षस | demon |
| रावन | रावण की | Ravana’s |
| मातु | माता का | mother’s |
| पिता | पिता | father |
| मंत्री | मंत्री | minister |
| बर | श्रेष्ठ | excellent |
2 बोला बचन नीति अति पावन। सुनहु तात कछु मोर सिखावन।।
English explanation
He spoke very pure words of wise counsel: “Dear one, listen to some advice from me.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोला | उसने कहा | he spoke |
| बचन | वचन | words |
| नीति | नीति से युक्त | of wise counsel |
| अति | अत्यंत | very |
| पावन | पवित्र | pure |
| सुनहु | सुनो | listen |
| तात | हे प्रिय पुत्रवत् जन | dear one |
| कछु | कुछ | some |
| मोर | मेरी | my |
| सिखावन | सीख | advice |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.48
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 819
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 818, 819
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।