लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मारिसि मेघनाद कै छाती। परा भूमि घुर्मित सुरघाती।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऔर उसे मेघनादकी छातीपर दे मारा। वह देवताओंका शत्रु चक्कर खाकर पृथ्वीपर गिर पड़ा। जाम्बवान्ने फिर क्रोधमें भरकर पैर पकड़कर उसको घुमाया और पृथ्वीपर पटककर उसे अपना बल दिखलाया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 844 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मारिसि मेघनाद कै छाती। परा भूमि घुर्मित सुरघाती।।
पुनि रिसान गहि चरन फिरायौ। महि पछारि निज बल देखरायो।।
स्रोत अभिलेख 6.74 · पुस्तक पृ. 843, 844
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मारिसि मेघनाद कै छाती। परा भूमि घुर्मित सुरघाती।।
English explanation
Jambavan struck Meghnada in the chest; that slayer of gods fell to the ground, dazed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारिसि | उन्होंने प्रहार किया | he struck |
| मेघनाद | मेघनाद, रावण का पुत्र | Meghnada, Ravana’s son |
| कै | की | of |
| छाती | छाती पर | in the chest |
| परा | गिर पड़ा | fell |
| भूमि | भूमि पर | to the ground |
| घुर्मित | चक्कर खाया हुआ; मूर्छित-सा | dazed; reeling |
| सुरघाती | देवताओं का घातक, मेघनाद | slayer of gods, Meghnada |
2 पुनि रिसान गहि चरन फिरायौ। महि पछारि निज बल देखरायो।।
English explanation
Then, in anger, Jambavan seized his feet, swung him around, and dashed him to the ground, displaying his strength.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| रिसान | क्रोधित होकर | in anger |
| गहि | पकड़कर | having seized |
| चरन | उसके पैर | his feet |
| फिरायौ | घुमाया | swung around |
| महि | धरती पर | on the ground |
| पछारि | पटककर | having dashed down |
| निज | अपना | his own |
| बल | बल | strength |
| देखरायो | दिखाया | displayed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.74
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 844
- सहायक विषय
- मेघनादका युद्ध, रामजीका लीलासे नागपाशमें बँधना
- मुद्रित पृष्ठ
- 843, 844
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