लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बर प्रसाद सो मरइ न मारा। तब गहि पद लंका पर डारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[किन्तु] वरदानके प्रतापसे वह मारे नहीं मरता। तब जाम्बवान्ने उसका पैर पकड़कर उसे लंकापर फेंक दिया। इधर देवॢष नारदजीने गरुड़को भेजा। वे तुरंत ही श्रीरामजीके पास आ पहुँचे॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 844 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बर प्रसाद सो मरइ न मारा। तब गहि पद लंका पर डारा।।
इहाँ देवरिषि गरुड़ पठायो। राम समीप सपदि सो आयो।।
स्रोत अभिलेख 6.74 · पुस्तक पृ. 843, 844
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बर प्रसाद सो मरइ न मारा। तब गहि पद लंका पर डारा।।
English explanation
By the power of his boon, he did not die despite being struck. Then Jambavan seized his feet and flung him onto Lanka.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बर | वरदान | boon |
| प्रसाद | के प्रभाव से | through the power of |
| सो | वह; मेघनाद | he; Meghnada |
| मरइ | मरता है | dies |
| न | नहीं | not |
| मारा | मारे जाने पर भी | even when struck |
| तब | तब | then |
| गहि | पकड़कर | having seized |
| पद | पैर | feet |
| लंका | लंका, रावण की नगरी | Lanka, Ravana’s city |
| पर | पर | onto |
| डारा | फेंक दिया | flung |
2 इहाँ देवरिषि गरुड़ पठायो। राम समीप सपदि सो आयो।।
English explanation
Meanwhile, the divine sage Narada sent Garuda, who immediately came to Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इहाँ | इधर; इसी बीच | here; meanwhile |
| देवरिषि | देवर्षि नारद ने | the divine sage Narada |
| गरुड़ | गरुड़ को, पक्षियों के राजा | Garuda, king of birds |
| पठायो | भेजा | sent |
| राम | राम के | of Rama |
| समीप | पास | near; to the presence |
| सपदि | तुरंत | immediately |
| सो | वे; गरुड़ | he; Garuda |
| आयो | आ गए | came |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.74
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 844
- सहायक विषय
- मेघनादका युद्ध, रामजीका लीलासे नागपाशमें बँधना
- मुद्रित पृष्ठ
- 843, 844
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