लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
महिष खाइ करि मदिरा पाना। गर्जा बज्राघात समाना।।
मूल पाठ
महिष खाइ करि मदिरा पाना। गर्जा बज्राघात समाना।।
कुंभकरन दुर्मद रन रंगा। चला दुर्ग तजि सेन न संगा।।
स्रोत अभिलेख 6.64 · पुस्तक पृ. 833, 834
भावार्थ
मूल पाठ के बादभैंसे खाकर और मदिरा पीकर वह वज्रघात (बिजली गिरने) के समान गरजा। मदसे चूर, रणके उत्साहसे पूर्ण कुम्भकर्ण किला छोड़कर चला। सेना भी साथ नहीं ली॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 833 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 महिष खाइ करि मदिरा पाना। गर्जा बज्राघात समाना।।
English explanation
After eating buffaloes and drinking liquor, Kumbhakarna roared like a thunderbolt striking.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महिष | भैंसे | buffaloes |
| खाइ | खाकर | having eaten |
| करि | करके | having done |
| मदिरा | मदिरा | liquor |
| पाना | पान | drinking |
| गर्जा | गरजा | roared |
| बज्राघात | वज्र का आघात | a thunderbolt's strike |
| समाना | के समान | like |
2 कुंभकरन दुर्मद रन रंगा। चला दुर्ग तजि सेन न संगा।।
English explanation
Filled with fierce arrogance and eager for battle, Kumbhakarna left the fortress without an army accompanying him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुंभकरन | रावण का भाई कुंभकर्ण | Kumbhakarna, Ravana's brother |
| दुर्मद | प्रचंड मद से भरा | fiercely arrogant |
| रन | युद्ध में | in battle |
| रंगा | उत्साह से रमा | eagerly absorbed |
| चला | चल पड़ा | set out |
| दुर्ग | किला | fortress |
| तजि | छोड़कर | leaving |
| सेन | सेना | army |
| न | नहीं | not |
| संगा | साथ | accompanying him |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.64
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 833
- सहायक विषय
- रावणका कुम्भकर्णको जगाना, कुम्भकर्णका रावणको उपदेश और विभीषण-कुम्भकर्ण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 833, 834
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