लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मज्जहि भूत पिसाच बेताला। प्रमथ महा झोटिंग कराला।।
मूल पाठ
मज्जहि भूत पिसाच बेताला। प्रमथ महा झोटिंग कराला।।
काक कंक लै भुजा उड़ाहीं। एक ते छीनि एक लै खाहीं।।
स्रोत अभिलेख 6.88 · पुस्तक पृ. 860, 861
भावार्थ
मूल पाठ के बादभूत, पिशाच और बैताल, बड़े-बड़े झोटोंवाले महान् भयङ्कर झोटिंग और प्रमथ (शिवगण) उस नदीमें स्नान करते हैं। कौए और चील भुजाएँ लेकर उड़ते हैं और एक दूसरेसे छीनकर खा जाते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 860 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मज्जहि भूत पिसाच बेताला। प्रमथ महा झोटिंग कराला।।
English explanation
AI draft: Ghosts, flesh-eating spirits, revenants, Shiva’s spirit attendants, and great fearsome spirits bathe in the river of blood.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मज्जहि | स्नान करते हैं | bathe |
| भूत | भूत-प्रेत | ghosts |
| पिसाच | पिशाच | flesh-eating spirits |
| बेताला | बेताल, शवों से जुड़े प्रेत | revenants associated with corpses |
| प्रमथ | शिव के प्रेतगण | Shiva’s spirit attendants |
| महा | बड़े; अत्यंत | great; exceedingly |
| झोटिंग | एक प्रकार के भयानक प्रेत | a kind of fearsome spirit |
| कराला | भयंकर | terrifying |
2 काक कंक लै भुजा उड़ाहीं। एक ते छीनि एक लै खाहीं।।
English explanation
Crows and carrion birds fly off carrying arms; one snatches from another and eats.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काक | कौए | crows |
| कंक | कंक, एक प्रकार के शवभक्षी पक्षी | a kind of carrion-eating bird |
| लै | लेकर | taking |
| भुजा | कटी हुई भुजाएँ | severed arms |
| उड़ाहीं | उड़ते हैं | fly away |
| एक | एक पक्षी से | from one bird |
| ते | से | from |
| छीनि | छीनकर | snatching |
| एक | दूसरा पक्षी | another bird |
| लै | लेकर | taking |
| खाहीं | खाते हैं | eat |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.88
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 860
- सहायक विषय
- रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 860, 861
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।