लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मंदोदरी रुदन कर भारी। उर ताड़न बहु भाँति पुकारी।।
मूल पाठ
मंदोदरी रुदन कर भारी। उर ताड़न बहु भाँति पुकारी।।
नगर लोग सब ब्याकुल सोचा। सकल कहहिं दसकंधर पोचा।।
स्रोत अभिलेख 6.77 · पुस्तक पृ. 847, 848
भावार्थ
मूल पाठ के बादमन्दोदरी छाती पीट-पीटकर और बहुत प्रकारसे पुकार-पुकारकर बड़ा भारी विलाप करने लगी। नगरके सब लोग शोकसे व्याकुल हो गये। सभी रावणको नीच कहने लगे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 847 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मंदोदरी रुदन कर भारी। उर ताड़न बहु भाँति पुकारी।।
English explanation
Mandodari weeps bitterly, beating her breast and lamenting in many ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंदोदरी | मंदोदरी, रावण की पत्नी | Mandodari, Ravana’s wife |
| रुदन | रोना | weeping |
| कर | करती है | does |
| भारी | बहुत जोर से | intensely |
| उर | छाती | breast |
| ताड़न | पीटते हुए | beating |
| बहु | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार से | in ways |
| पुकारी | विलाप करती है | cries out in lament |
2 नगर लोग सब ब्याकुल सोचा। सकल कहहिं दसकंधर पोचा।।
English explanation
All the townspeople are distraught with grief. Everyone calls Ravana base and wicked.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नगर | नगर के | of the city |
| लोग | लोग | people |
| सब | सभी | all |
| ब्याकुल | व्याकुल | distraught |
| सोचा | शोक से | with grief |
| सकल | सब लोग | everyone |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| दसकंधर | दस सिरों वाले रावण को | Ravana, the ten-headed king |
| पोचा | नीच, दुष्ट | base, wicked |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.77
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 847
- सहायक विषय
- मेघनाद-यज्ञ-विध्वंस, युद्ध और मेघनाद-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 847, 848
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