लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भेरि नफीरि बाज सहनाई। मारू राग सुभट सुखदाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभेरी, नफीरी (तुरही) और शहनाईमें योद्धाओंको सुख देनेवाला मारू राग बज रहा है। सब वीर सिंहनाद करते हैं और अपने-अपने बल-पौरुषका बखान कर रहे हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 849 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भेरि नफीरि बाज सहनाई। मारू राग सुभट सुखदाई।।
केहरि नाद बीर सब करहीं। निज निज बल पौरुष उच्चरहीं।।
स्रोत अभिलेख 6.79 · पुस्तक पृ. 849, 850
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भेरि नफीरि बाज सहनाई। मारू राग सुभट सुखदाई।।
English explanation
War drums, trumpets, and shehnais sounded; the martial Maru melody delighted the warriors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भेरि | भेरी, बड़ा युद्ध-ढोल | large war drum |
| नफीरि | तुरही जैसा फूँक-वाद्य | trumpet-like wind instrument |
| बाज | बज रही थीं | were sounding |
| सहनाई | शहनाई नामक फूँक-वाद्य | shehnai, a reed instrument |
| मारू | मारू नामक युद्धोत्साहक | Maru, a martial |
| राग | राग | melody |
| सुभट | वीर योद्धाओं को | to brave warriors |
| सुखदाई | सुख देने वाला | delight-giving |
2 केहरि नाद बीर सब करहीं। निज निज बल पौरुष उच्चरहीं।।
English explanation
All the warriors roared like lions and proclaimed their own strength and valor.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| केहरि | सिंह की | of a lion |
| नाद | गर्जना | roar |
| बीर | वीर योद्धा | warriors |
| सब | सभी | all |
| करहीं | करते हैं | make |
| निज | अपने | their own |
| निज | अपने | respective |
| बल | बल | strength |
| पौरुष | पराक्रम | valor |
| उच्चरहीं | घोषित करते हैं | proclaim |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.79
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 849
- सहायक विषय
- रावणका युद्धके लिये प्रस्थान और श्रीरामजीका विजय-रथ तथा वानर-राक्षसोंका युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 849, 850
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