लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भल न कीन्ह तैं निसिचर नाहा। अब मोहि आइ जगाएहि काहा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे राक्षसराज! तूने अच्छा नहीं किया। अब आकर मुझे क्या जगाया? हे तात! अब भी अभिमान छोड़कर श्रीरामजीको भजो तो कल्याण होगा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 832 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भल न कीन्ह तैं निसिचर नाहा। अब मोहि आइ जगाएहि काहा।।
अजहूँ तात त्यागि अभिमाना। भजहु राम होइहि कल्याना।।
स्रोत अभिलेख 6.63 · पुस्तक पृ. 832, 833
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भल न कीन्ह तैं निसिचर नाहा। अब मोहि आइ जगाएहि काहा।।
English explanation
AI draft meaning: Lord of the demons, you have not done well. Why have you come and awakened me now?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भल | अच्छा | well |
| न | नहीं | not |
| कीन्ह | किया | did |
| तैं | तुमने | you |
| निसिचर | राक्षसों के | of the demons |
| नाहा | हे स्वामी | O lord |
| अब | अब | now |
| मोहि | मुझे | me |
| आइ | आकर | having come |
| जगाएहि | तुमने जगाया | you awakened |
| काहा | क्यों | why |
2 अजहूँ तात त्यागि अभिमाना। भजहु राम होइहि कल्याना।।
English explanation
Dear brother, even now abandon pride and worship Rama; you will find well-being.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अजहूँ | अभी भी | even now |
| तात | प्रिय भाई | dear brother |
| त्यागि | छोड़कर | abandoning |
| अभिमाना | अभिमान | pride |
| भजहु | भजन करो | worship |
| राम | भगवान राम का | Rama |
| होइहि | होगा | will be |
| कल्याना | कल्याण | well-being |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.63
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 832
- सहायक विषय
- रावणका कुम्भकर्णको जगाना, कुम्भकर्णका रावणको उपदेश और विभीषण-कुम्भकर्ण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 832, 833
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।