लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ब्याल पास बस भए खरारी। स्वबस अनंत एक अबिकारी।।
मूल पाठ
ब्याल पास बस भए खरारी। स्वबस अनंत एक अबिकारी।।
नट इव कपट चरित कर नाना। सदा स्वतंत्र एक भगवाना।।
स्रोत अभिलेख 6.73 · पुस्तक पृ. 842, 843
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो स्वतन्त्र, अनन्त, एक (अखण्ड) और निॢवकार हैं, वे खरके शत्रु श्रीरामजी [लीलासे] नागपाशके वशमें हो गये (उससे बँध गये)। श्रीरामचन्द्रजी सदा स्वतन्त्र, एक, (अद्वितीय) भगवान् हैं। वे नटकी तरह अनेकों प्रकारके दिखावटी चरित्र करते हैं॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 843 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 ब्याल पास बस भए खरारी। स्वबस अनंत एक अबिकारी।।
English explanation
Rama, the foe of Khara, came under the serpent bonds—he who is self-governed, infinite, unique, and unchanging.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्याल | सर्पों के | of serpents |
| पास | पाश; बंधन | bonds; nooses |
| बस | वश में | under the sway of |
| भए | हो गए | came to be |
| खरारी | खर के शत्रु श्रीराम | Rama, enemy of the demon Khara |
| स्वबस | अपने ही वश में रहने वाले | self-governed |
| अनंत | अनंत; असीम | infinite |
| एक | एक; अद्वितीय | one; unique |
| अबिकारी | विकाररहित; अपरिवर्तनशील | unchanging; free of alteration |
2 नट इव कपट चरित कर नाना। सदा स्वतंत्र एक भगवाना।।
English explanation
The one Lord is always independent, yet, like an actor, performs many assumed roles.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नट | नट; अभिनेता | an actor |
| इव | की तरह | like |
| कपट | दिखावटी; अभिनय के | assumed; enacted |
| चरित | चरित्र; आचरण | roles; deeds |
| कर | करते हैं | performs |
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
| सदा | सदा | always |
| स्वतंत्र | स्वतंत्र | independent |
| एक | एक; अद्वितीय | the one; unique |
| भगवाना | भगवान | Lord |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.73
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 843
- सहायक विषय
- मेघनादका युद्ध, रामजीका लीलासे नागपाशमें बँधना
- मुद्रित पृष्ठ
- 842, 843
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।