लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ब्याकुल कटकु कीन्ह घननादा। पुनि भा प्रगट कहइ दुर्बादा।।
मूल पाठ
ब्याकुल कटकु कीन्ह घननादा। पुनि भा प्रगट कहइ दुर्बादा।।
जामवंत कह खल रहु ठाढ़ा। सुनि करि ताहि क्रोध अति बाढ़ा।।
स्रोत अभिलेख 6.74 · पुस्तक पृ. 843, 844
भावार्थ
मूल पाठ के बादमेघनादने सेनाको व्याकुल कर दिया। फिर वह प्रकट हो गया और दुर्वचन कहने लगा। इसपर जाम्बवान्ने कहा—अरे दुष्ट! खड़ा रह। यह सुनकर उसे बड़ा क्रोध बढ़ा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 843 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 ब्याकुल कटकु कीन्ह घननादा। पुनि भा प्रगट कहइ दुर्बादा।।
English explanation
Meghnada threw the army into distress; then he appeared again and spoke abusive words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्याकुल | व्याकुल; विचलित | distressed; disordered |
| कटकु | सेना को | the army |
| कीन्ह | कर दिया | made; rendered |
| घननादा | मेघनाद, रावण का पुत्र | Meghnada, Ravana’s son |
| पुनि | फिर | again; then |
| भा | हुआ | became |
| प्रगट | प्रकट; दिखाई देने वाला | visible; manifest |
| कहइ | कहता है | speaks |
| दुर्बादा | दुर्वचन; अपमानजनक बातें | abusive words |
2 जामवंत कह खल रहु ठाढ़ा। सुनि करि ताहि क्रोध अति बाढ़ा।।
English explanation
Jambavan said, ‘Wretch, stand your ground!’ Hearing this, Meghnada’s anger greatly increased.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जामवंत | जामवंत, रीछों के प्रमुख | Jambavan, chief of the bears |
| कह | कहते हैं | says |
| खल | हे दुष्ट | O wretch |
| रहु | रह; ठहर | remain; stay |
| ठाढ़ा | खड़ा | standing |
| सुनि | सुनकर | hearing |
| करि | करके | having |
| ताहि | उसको; मेघनाद को | to him; to Meghnada |
| क्रोध | क्रोध | anger |
| अति | बहुत | greatly |
| बाढ़ा | बढ़ा | increased |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.74
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 843
- सहायक विषय
- मेघनादका युद्ध, रामजीका लीलासे नागपाशमें बँधना
- मुद्रित पृष्ठ
- 843, 844
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