लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिनु प्रयास हनुमान उठायो। लंका द्वार राखि पुनि आयो।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहनुमान्जीने उसको बिना ही परिश्रमके उठा लिया और लङ्काके दरवाजेपर रखकर वे लौट आये। उसका मरना सुनकर देवता और गन्धर्व आदि सब विमानोंपर चढ़कर आकाशमें आये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 847 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बिनु प्रयास हनुमान उठायो। लंका द्वार राखि पुनि आयो।।
तासु मरन सुनि सुर गंधर्बा। चढ़ि बिमान आए नभ सर्बा।।
स्रोत अभिलेख 6.77 · पुस्तक पृ. 847, 848
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिनु प्रयास हनुमान उठायो। लंका द्वार राखि पुनि आयो।।
English explanation
AI draft: Hanuman effortlessly lifted his body, placed it at Lanka’s gate, and returned.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिनु | बिना | without |
| प्रयास | प्रयत्न | effort |
| हनुमान | हनुमान ने | Hanuman |
| उठायो | उठाया | lifted |
| लंका | लंका के | of Lanka |
| द्वार | द्वार पर | at the gate |
| राखि | रखकर | having placed |
| पुनि | फिर | then |
| आयो | लौट आए | returned |
2 तासु मरन सुनि सुर गंधर्बा। चढ़ि बिमान आए नभ सर्बा।।
English explanation
Hearing of his death, all the gods and celestial musicians came into the sky aboard aerial vehicles.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उसकी | his |
| मरन | मृत्यु | death |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सुर | देवता | gods |
| गंधर्बा | गंधर्व, स्वर्गीय गायक | celestial musicians |
| चढ़ि | चढ़कर | having boarded |
| बिमान | विमानों पर | aerial vehicles |
| आए | आए | came |
| नभ | आकाश में | into the sky |
| सर्बा | सभी | all |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.77
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 847
- सहायक विषय
- मेघनाद-यज्ञ-विध्वंस, युद्ध और मेघनाद-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 847, 848
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।