लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बाजहिं ताल पखाउज बीना। नृत्य करहिं अपछरा प्रबीना।।
मूल पाठ
बाजहिं ताल पखाउज बीना। नृत्य करहिं अपछरा प्रबीना।।
स्रोत अभिलेख 6.1 · पुस्तक पृ. 781, 781
भावार्थ
मूल पाठ के बादताल (करताल), पखावज (मृदंग) और वीणा बज रहे हैं। नृत्यमें प्रवीण अप्सराएँ नाच रही हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 781 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बाजहिं ताल पखाउज बीना। नृत्य करहिं अपछरा प्रबीना।।
English explanation
Cymbals, barrel drums, and lutes sounded, while accomplished celestial dancers performed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बाजहिं | बजते हैं | sound |
| ताल | ताल देने वाले झाँझ | rhythmic cymbals |
| पखाउज | पखावज, दोमुखी मृदंग | double-headed barrel drum |
| बीना | वीणा | lute |
| नृत्य | नाच | dance |
| करहिं | करती हैं | perform |
| अपछरा | अप्सराएँ, दिव्य नर्तकियाँ | celestial dancers |
| प्रबीना | कुशल | accomplished |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 781
- सहायक विषय
- रावणको मन्दोदरीका समझाना, रावण-प्रहस्त-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 781, 781
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