लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बरुन कुबेर सुरेस समीरा। रन सन्मुख धरि काहुँ न धीरा।।
मूल पाठ
बरुन कुबेर सुरेस समीरा। रन सन्मुख धरि काहुँ न धीरा।।
भुजबल जितेहु काल जम साईं। आजु परेहु अनाथ की नाईं।।
स्रोत अभिलेख 6.104 · पुस्तक पृ. 881, 882
भावार्थ
मूल पाठ के बादवरुण, कुबेर, इन्द्र और वायु, इनमेंसे किसीने भी रणमें तुम्हारे सामने धैर्य धारण नहीं किया। हे स्वामी! तुमने अपने भुजबलसे काल और यमराजको भी जीत लिया था। वही तुम आज अनाथकी तरह पड़े हो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 882 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बरुन कुबेर सुरेस समीरा। रन सन्मुख धरि काहुँ न धीरा।।
English explanation
Varuna, Kubera, Indra, and the wind god—none could remain steadfast facing you in battle.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरुन | जल के देवता वरुण | Varuna, god of waters |
| कुबेर | धन के देवता कुबेर | Kubera, god of wealth |
| सुरेस | देवताओं के राजा इंद्र | Indra, king of the gods |
| समीरा | वायु देवता | the wind god |
| रन | युद्ध में | in battle |
| सन्मुख | सामने | facing you |
| धरि | धारण किया | maintained |
| काहुँ | किसी ने भी | any of them |
| न | नहीं | not |
| धीरा | धैर्य | steadfastness |
2 भुजबल जितेहु काल जम साईं। आजु परेहु अनाथ की नाईं।।
English explanation
O lord, by the strength of your arms you conquered Death and Yama; today you lie like one with no protector.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भुजबल | भुजाओं के बल से | by the strength of your arms |
| जितेहु | आपने जीत लिया | you conquered |
| काल | काल, मृत्यु की शक्ति | Death |
| जम | मृत्यु के देवता यम | Yama, god of death |
| साईं | हे स्वामी | O lord |
| आजु | आज | today |
| परेहु | आप पड़े हैं | you lie fallen |
| अनाथ | रक्षकहीन व्यक्ति | one without a protector |
| की | की | of |
| नाईं | तरह | in the manner |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.104
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 882
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 881, 882
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।